सफाई कर्मचारी आंदोलन के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन किया। उसके बाद प्रभारी डीएम को ज्ञापन सौंपा। कहा है कि अधिकारियों की शिथिलता के चलते अभी तक मैला ढोने वालों का सत्यापन नहीं हुआ है। शीघ्र ही सत्यापन कराया जाए।
संयोजक कृष्णगोपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश एवं मैला प्रथा उन्मूलन अधिनियम 2013 के अनुसार मैला ढोने वालों का सत्यापन एवं पुनर्वास करना था, लेकिन अधिकारियोें की शिथिलता के कारण मैला ढोने वालों का चिन्हिकरण नहीं हो सका है। इसलिए राज्य सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मैला ढोने वालों का पुन: चिन्हीकरण का आदेश जारी किया है। उनका कहना था कि वह आदेश के बाद आठ बार ज्ञापन दे चुके हैं, जिसमें 200 मैला ढोने वालों की सूची थी। उनका न चिन्हिकरण हुआ और न पुनर्वास।
इस मौके पर राजीव राना, रंजीत बाबू, श्रीराम, विमल पाथरे, नीरज सिंघानिया, राहुल सिंघानिया, टिल्लू मेवामई, विशाल राना, प्रमोद, अजय, शारदा देवी, प्रेमादेवी, सुखरानी, मौजश्री, हंसमुखी, राजकुमारी, सुधा आदि मौजूद रहे।