मैनपुरी। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव मौजेपुर में दो साल पहले झूठी शान में पुत्री की गला दबाकर हत्या करने वाले माता-पिता की जेल में पहली रात बेचैनी में गुजरी। अलग-अलग बैरकों में दोनों रात भर करवटें बदलते रहे। सुबह होने पर दोनों मायूस देखे गए। उन्होंने बैरक में मौजूद अन्य बंदियों से दूरी बनाए रखी। रात भर बंदी रक्षकों ने दोनों पर नजर रखी।
मौजेपुर के रहने वाले अशोक यादव ने पत्नी रामादेवी के सहयोग से 19 जनवरी 2023 की रात को अपनी पुत्री ज्योति की गला दबाकर हत्या का दी थी। बृहस्पतिवार को अशोक और रामादेवी को अपर जिला जज चतुर्थ आजीवन कारावास की सजा सुनाने के बाद 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर जेल भेजा था। सजा होने के बाद रामादेवी को महिला बैरक तथा अशोक यादव को बैरक नंबर नौ-ए में रखा गया है। जेल सूत्रों ने बताया कि सजा होने के बाद से पति-पत्नी गुमसुम हैं। बैरक में मौजूद बंदियों से दूरी बना ली है। उनकी मनोदशा को देखते हुए बंदी रक्षक उनकी हर गतिविधि पर नजर लगाए हुए हैंं।
गांव में नहीं दी किसी ने गवाही
ज्योति का शव बरामद होने के बाद चौकीदार ने रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने पंचनामा भरा। पुलिस को जांच के दौरान गांव में किसी ने भी गवाही नहीं दी। मुकदमे की सुनवाई में चौकीदार मनोज कठेरिया सहित पंचनामा के गवाह राजेश कुमार, अवलेश कुमार, शिवनंदन सिंह की गवाही ही कराई गई। चौकीदार ने न्यायालय में बताया था कि ज्योति के पास के गांव के रहने वाले एक युवक से प्रेम संबंध थे। वह उसी के साथ शादी करना चाहती थी। जबकि परिजन ने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी थी। एटा के अलीगंज से 21 फरवरी 2023 को बरात आनी थी। लेकिन ज्योति इस शादी के लिए तैयार नहीं थी।