मैनपुरी। पिछले कई दिनों से उमस भरी भीषण गर्मी के बाद सोमवार को झमाझम बारिश ने शहर की सड़कों और गलियों को ताल-तलैया में तब्दील कर दिया। बारिश ने उमस भरी गर्मी से राहत तो दी लेकिन निचले इलाकों में रहने वालों की मुश्किलें भी बढ़ाईं। वहीं बारिश से धान, मक्का और बाजरा समेत खरीफ की सभी फसलों के लिए फायदा बताया जा रहा है।
सुबह करीब 10 बजे तक उमस भरी गर्मी के बाद अचानक बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने शहर की सड़कों और गलियों को तालाब में तब्दील कर दिया। झमाझम बारिश से नाले और नालियां ऐसे उफने कि बारिश का सारा पानी सड़कों और गलियों में आ गया। निचली बस्तियों के कई घरों में पानी घुस गया। बजाजा बाजार, बजरिया, लेनगंज, आगरा रोड, करहल रोड, ओम भंडार वाली गली, स्टेशन रोड, भावंत रोड समेत सभी प्रमुख सड़कों पर एक से दो फुट पानी भर गया। पंजाबी कालोनी की तो शायद ही कोई गली ऐसी हो जिसमें जलभराव न हुआ हो। कुछ लोगों के घरों में पानी घुस गया। सदर बाजार, भीमसेन मंदिर रोड, कचहरी रोड पर भी पानी भरा नजर आया। लोगों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा नालों और नालियों की सफाई ठीक प्रकार से नहीं कराने का ही नतीजा है कि बारिश होने पर जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। उधर कई दिनों के अंतराल के बाद हुई झमाझम बारिश से फसलों खासकर धान, मक्का और बाजरा की फसलों को फायदा ही फायदा बताया जा रहा है। खरीफ की अन्य फसलों के लिए भी बारिश संजीवनी साबित हुई है। किसान भानुप्रताप सिंह का कहना था कि इन दिनों फसलें गर्मी से झुलस रहीं थीं। बारिश से सिंचाई बच गई है और यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी से कम नहीं है। अब बाजरा की फसल की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी।
बारिश से बिजली हुई गुल
झमाझम बारिश और बारिश के दौरान चली हवाओं ने कई इलाकों की बिजली गुल कर दी। नौनेर और दन्नाहार फीडर पर तो सुबह 10 बजे से गुल हुई बिजली देर शाम आ सकी। बारिश और तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर विद्युत तार टूट गए और कई स्थानों पर फाल्ट आ गए। कई ग्रामीण इलाकों में दोपहर बाद ढाई बजे तक बारिश होने के कारण देर शाम ही फाल्ट ठीक किए जा सके।