उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिला अस्पताल में भर्ती दो साल के बच्चे सहित तीन मरीजों की बुखार और डायरिया की चपेट में आने से मौत हो गई। बुखार से पीड़ित 17 और डायरिया से पीड़ित 10 मरीज भर्ती कराए गए। तीन मरीजों को हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया।ओपीडी में 988 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया।
पिछले कुछ दिनों से जिले में बुखार के साथ ही डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बुधवार को सुबह से ही जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ देखी गई। जिला अस्पताल की ओपीडी में सर्वाधिक बुखार और डायरिया के मरीज पहुंचे। इनमें बच्चों की संख्या भी 100 के लगभग थी।
शहर के गोलाबाजार निवासी पियूष (2 वर्ष) पुत्र नरेंद्र को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। बुधवार की सुबह अचानक उसे खून की उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां उपचार के कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।
भोगांव के गांव नाका निवासी सोमवती (50) पत्नी राकेश कुमार को पिछले कुछ दिनों से डायरिया की दिक्कत थी। बुधवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शहर के बड़ा बाजार निवासी गुलाब राम (48) को पिछले कुछ दिनों से उल्टी दस्त के साथ डायरिया की दिक्कत थी। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सांस लेने में दिक्कत से वृद्ध की मौत
बेवर के नगला देवी निवासी श्रीकृष्ण (70) को पिछले कुछ दिनों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिजन ने सोमवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सीएमएस डॉ. मदनलाल का कहना था कि सभी मरीजों को अंतिम सांसों में ही अस्पताल लाया गया था। गुलाबराम की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी।