फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन दिन बाद फिर वही हाल, नहीं मिला कैश

Tue, 13 Dec 2016 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
विज्ञापन
तीन दिन बाद फिर वही हाल, नहीं मिला कैश - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
तीन दिन बाद मंगलवार को बैंक खुले तो खाते से रुपये निकालने के लिए मारामारी मच गई। बैंक और एटीएम के बाहर सुबह से ही कतार लगी रही। बैंक कर्मियों और सुरक्षा गार्डों को स्थिति नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी। शाम तक लोग रुपये लेने के लिए लोग कतार में लगे रहे।
विज्ञापन

बैंक खुले तो नोटबंदी की मार से जूझ रहे लोग सुबह से बैंक और एटीएम पर पहुंच गए। केवल स्टेट बैंक के ही एटीएम में ही कैश होने के कारण वहां लोगों में रुपये निकालने के लिए पूरे दिन धक्का मुक्की होती रही। बैंकों में रुपये निकालने के लिए उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैंककर्मियों और सुरक्षा गार्डों को कई बार मशक्कत करनी पड़ी। लाइन से हटकर काउंटर पर पहुंचने वाले लोगों से लाइनों में लगे लोगों की झड़प भी हुईं। रुपये निकालने के लिए लिमिट होने के कारण ग्राहकों को मनचाही धनराशि नहीं मिल सकी। कई ग्राहकों को तो दोबारा बिड्राल फार्म तक भरने पड़े। कई बैंकों के बाहर बुजुर्ग अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
जिले में अधिकांश एटीएम पर सुबह से ही नो कैश के बोर्ड टांग दिए गए। फिर भी वहां कतार दिखाई दी। रुपये निकालने के लिए लोग पूरे दिन एक से दूसरे एटीएम के चक्कर लगाते रहे। मगर उनको निराशा ही हाथ लगी। तो वहीं सहकारी बैंकों ने मंगलवार को ग्राहकों को कुछ राहत दी। रुपये निकालने पहुंचे खाताधारकों को बैंक से केवल 500 रुपये का ही भुगतान किया गया। कई खाताधारक तो नाराज होकर बिना भुगतान लिए ही लौट गए। तो जिले की ग्रामीण बैंक की मुख्य शाखाओं में कैश ही नहीं था। जहां था वहां ग्राहकों को मामूली भुगतान ही हो सका। ग्रामीण बैंक को आम दिनों की अपेक्षा 40 प्रतिशत ही भुगतान किया गया है।
विज्ञापन

तो वहीं ग्रामीण बैंक के एक शाखा प्रबंधक ने बताया कि अगले चार दिन तक जिले में कैश सुधार की कोई संभावना नहीं है। महानिदेशक संस्थागत वित्त ने जिले को 50 करोड़ रुपया दिलाने की घोषणा के बाद अभी तक जिले को यह कैश नहीं मिला है। शुक्रवार तक कैश मिलने की संभावना है।  

1.50 लाख खातों में जीरो बैलेंस
मैनपुरी (ब्यूरो)। जिले के पांच लाख से अधिक जनधन खातों में अभी भी 1.50 लाख खातोें में जीरो बैलेंस ही है। कई खातों में नोटबंदी के बाद बड़ी धनराशि जमा कराई गई है। जिनका रिकार्ड संबंधित बैंकों से मांगा गया है। संबंधित खातों में नोटबंदी के बाद जमा कराई धनराशि की जांच कराई जाएगी।

पोस्ट आफिस पांच दिन से कैशलेस
मैनपुरी (ब्यूरो)। जिले के हैड पोस्ट आफिस में पांच दिन से कैश नहीं है। पोस्ट आफिस के खाते से रुपये निकालने के लिए पहुंचने वाले ग्राहक मंगलवार को भी खाली हाथ लौटे। पोस्टमास्टर चरनसिंह का कहना है कि स्टेट बैंक लगातार पोस्ट आफिस के साथ सौतेला व्यवहार कर ही है। मंगलवार को स्टेट बैंक ने पोस्ट आफिस को 50 हजार रुपये तक नहीं दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें