उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 32 साल पहले तीन सगे भाइयों ने युवक पर जानलेवा हमला किया था। मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई। स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीता सिंह ने तीनों भाइयों को आजीवन करावास की सजा सुनाई। साथ ही 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सजा सुनाने के बाद तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
घटना औंछा थाना क्षेत्र के गांव नगला मांझ की है। गांव में 19 फरवरी 1992 की शाम को गांव के नन्हू तथा उनके पुत्र अमर सिंह को गांव के लोगों ने फायरिंग करके घायल कर दिया था। घायल नन्हू के पुत्र राजबहादुर ने गांव के तीन सगे भाई मुकेश उर्फ बबलू, अवधेश, उमेश उर्फ गुल्लू के खिलाफ दर्ज कराई।
पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराने के बाद तीनों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीतासिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, घायलों सहित गवाहों ने तीनों भाइयों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी।
गवाही के आधार पर तीनों को जानलेवा हमला करने का दोषी पाया गया। जानलेवा हमला करने वाले तीन सगे भाइयों मुकेश उर्फ बबलू, अबधेश, उमेश उर्फ गुल्लू को स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट मीता सिंह ने आजीवन करावास की सजा सुनाई है। उन पर 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।