हजरत फाजिल शाह का तीन दिवसीय 56वां उर्स बड़े ही अकीदे के साथ मनाया गया। उर्स में हजारों की तादात में अकीदतमंदों ने शिरकत कर चादरपोशी और दुआ मांगी। वहीं कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किया।
तीन दिवसीय सालाना उर्स का आगाज मीलाद शरीफ के साथ हुआ। शनिवार को हजरत ख्वाजा गरीब नवाज का कुल शरीफ हुआ। रविवार को रातभर कव्वालियां हुई। इस दौरान कव्वालों ने ‘भरदो झोली मेरी या मोहम्मद, तेरे दर से जाऊंआ न खाली, ये तो ख्वाजा का करम है, मेरे ख्वाजा का करम है’ आदि कलाम पेश किया। इसके बाद हज़रत फाजिशाह का कुल शरीफ हुआ। इस दौरान फातिहा पढ़ी गई और देश में अमन और चैन की दुआ मांगी गई। इंतजामिया उर्स कमेठी के सदर सुहेल अहमद रहमानी, नायब सदर फैय्याज हुसैन, नायब सेक्रेट्री मुश्ताक़ अली, मुन्ने मिज़ार्, रियाज़ अहमद, गुड्डू मिज़ार्, मो. सलीम, सैय्यद नादर अली, इश्तियाक अहमद, सलीम मिज़ार् आदि मौजूद रहे।