मैनपुरी। जिले में भी कासिमपुर जैसा हादसा हो सकता है। बिजली व्यवस्था सुधार के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लाइन और विद्युत उपकेंद्र ओवर लोड हैं।
कासिमपुर पावर प्रोजेक्ट में 250 एमवी की यूनिट में ओवरहॉलिंग के दौरान सिलेंडर फटने से तीन की मौत और 14 लोग घायल हो गए। जिले में करोड़ों रुपये की लागत से सुधार कार्य कराए गए। ओवरलोडिंग कम करने के लिए 10 बिजलीघरों की स्थापना कराई गई। कई नई लाइनें बनवाई गईं। ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि हुई लेकिन अभी भी स्थिति अच्छी नहीं है। 220 केवी उपकेंद्र पावर हाउस में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होने से वहां भले ही स्थिति सही हुई हो लेकिन अन्य उपकेंद्रों की स्थिति में अधिक सुधार नहीं है। कई बार अधिकारियों से विद्युत कर्मचारियों ने भी समस्याओं को बताया लेकिन अभी भी सुधार नहीं हो सका।
यहां हो सकते हैं हादसे
- विद्युत उपकेंद्र सुल्तानगंज की क्षमता पांच एमवी है। जबकि लोड सात एमवी से अधिक। ऐसे में यहां कभी भी हादसा हो सकता है।
- सैफई से करहल होकर बरनाहल जाने वाली लाइन ओवर लोडिड है। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस लाइन के लिए दो विद्युत उपकेंद्रों की जरूरत और है।
यहां तो मशीन ही ट्रिप नहीं करतीं
विद्युत उपकेंद्रोें पर लगने वाले वाली ओसीबी मशीन कहीं तार टूटते ही ट्रिप होनी चाहिए। जिससे तार टूटने से बड़ा नुकसान न हो। उपकेंद्रों पर लगीं यह मशीनें अब खस्ताहाल हैं। विद्युत उपकेंद्र चौराईपुर और दन्नाहार के साथ ही सुल्तानगंज में लगीं ओसीबी ट्रिप नहीं करतीं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ओवर लोड हो रहे सुल्तानगंज उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि कराई जा रही है। वहां आठ एमवी का ट्रांसफार्मर लगवाया जा रहा है। वहीं सैफई से बरनाहल आने वाली लाइन को बचाने के लिए विद्युत उपकेंद्र मीठेपुर और चंदीकरा के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उपकेंद्रों पर लगी ओसीबी की रिपेयरिंग भी कराई जाएगी जिससे कोई हादसा न हो।
- वीपी कठेरिया, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण