जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके चलते अस्पताल में औसतन 1400-1500 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इससे जिला अस्पताल में दवाओं का टोटा होने लगा है। अस्पताल में दर्द निवारक, एंटीबायोटिक, खांसी का सीरप आदि दवाएं नहीं हैं और कुछ खत्म होने के कगार पर हैं।
जिले में पिछले एक पखवाड़ा से संक्रामक रोगों के चलते लोग परेशान हैं। बुखार, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफाइड, वायरल आदि के रोगी बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल में यदि दवाओं की स्थिति नजर डालें तो दर्द निवारक, गैस रोग से संबंधित, खुजली से संबंधित लोशन नहीं हैं। वहीं कुछ दवाएं खत्म होने वाली हैं जिनमें कुछ एंटीबायोटिक और खांसी के सीरप शामिल हैं। जबकि रोगियों की संख्या पर नजर डालें तो प्रतिदिन 1400-1500 रोगी पहुंच रहे हैं। जिला महिला अस्पताल की बात करें तो वहां भी गैस का एंटासिड सीरप नहीं है। ऐसे में गरीब तबके के लोगों को बाजार से ही दवा लेनी पड़ रही है। जिला अस्पताल ही नहीं जिले के कई सरकारी अस्पतालों में इन दिनों दवाओं का टोटा है। ऐसे में रोगियों को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसके चलते दवाएं लगातार आ रही हैं। सभी दवाओं की खरीद के लिए मांग पत्र भेजे गए हैं। चिकित्सक रोगियों को उनकी सुविधानुसार दवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। रोगियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
डाक्टर दुष्यंत त्यागी
सीएमएस जिला अस्पताल