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आर्थिक तंगी ने रोका शिक्षित होने का रास्ता

Wed, 11 May 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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शिक्षा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आर्थिक तंगी के चलते गिहार कॉलोनी के बच्चे शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रहे थे। उनमें पढ़ाई के प्रति ललक तो है। लेकिन परिवार की जरूरत पूरी करने के लिए वो उनके साथ काम करते थे। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने गिहार कालोनी पहुंचकर बच्चों और अभिभावकों से बात की।
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मंगलवार को इस कॉलोनी के 40 बच्चोें को डीएम ने स्कूल में भर्ती कराया था। बुधवार को टीम उन बच्चों के घर पहुंची तो अभिभावकों ने बताया आर्थिक तंगी के चलते अपने बच्चों को नहीं पढ़ा पा रहे थे, जितना समय स्कूल में देंगे उतने समय में आय बढ़ाने के लिए कई काम कराए जा सकते हैं। वहीं बच्चों की माने तो उनमें पढ़ाई की ललक है। वह भी पढ़ लिखकर ऊंचे पदों पर आसीन होना चाहते हैं। बच्चों का कहना था कि माता-पिता रुपये कमाने के लिए घर में काम कराते हैं।  

छात्र गौरव का कहना है वह पहले पढ़ता था, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते अभिभावक ने उसका पढ़ना बंद करा दिया। अब डीएम साहब ने उसका सातवीं में पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला मूले में प्रवेश कराया है। वहीं शिक्षिका का कहना है कि यह बालक पढ़ने में होशियार है। छात्र कुश भी स्कूल आने से काफी खुश नजर आया। छात्रा माधुरी का कहना है कि वह पहली बार प्राथमिक विद्यालय नगला मूले आई है। उसको स्कूल पढ़ने में काफी अच्छा लग रहा है। वह रोज स्कूल आएगी। वहीं छात्रा रंजना भी स्कूल पढ़ने के लिए काफी उत्साहित थी। 
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मेरे बच्चे स्कूल पढ़ने जाते थे। उसी दौरान घर में आग लग गई और पुलिस समझी कि मैने खुद लगाई है। इसके चलते पुलिस मुझे और मेरी बेटी को पकड़कर ले गई। कई माह तक हम लोग जेल में बंद रहे। इसके चलते बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाई। बच्चों की पढ़ाई अधूरी रह गई। डीएम साहब ने मंगलवार को आकर फिर से मेरे बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराया है। उनका ये प्रयास बहुत अच्छा है मैं रोज अपने बच्चों को स्कूल भेजूुंगी। 
- सीमा देवी, निवासी, गिहार कालोनी

आर्थिक तंगी की वजह से बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं। बच्चे जितना समय स्कूल में देंगे उतने समय में मेरा रोजी रोटी कमाने में साथ देंगे। मेरा मन भी करता है बच्चाें को स्कूल पढ़ाने में, लेकिन यदि घर के काम में बच्चों की मदद न लें तो उनका पेट कैसे भरेंगे। डीएम ने साहब ने मेरे बच्चों का प्रवेश कराया है। अब मैं रोज बच्चे को स्कूल भेजूंगी और कोशिश करूंगी इसकी पढ़ाई पूरी हो। ताकि अपना भविष्य संवार सके। 
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- शीतला देवी निवासी, गिहारी कालोनी
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