जिले में तैनात रहे लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव गर्ग भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए हैं। सतर्कता अधिष्ठान की जांच के बाद शासन ने उन पर मुकदमा चलाने की संस्तुति दे दी है। अधिशासी अभियंता ने अपनी तैनाती के दौरान तीन सड़कों के नाम पर फर्जी कागजों के सहारे 18 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। शासन द्वारा दी गई संस्तुति विभाग तथा न्यायालय को प्राप्त हो गई है।
वर्ष 1994 से 1998 तक राजीव गर्ग अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग रहे थे। उनके कार्यकाल में तीन सड़कों का निर्माण कराया गया था। मगर उनका भुगतान नहीं किया गया। बाद में शासन ने वर्ष 2003 में उनको दोबारा जिले में तैनाती दी गई। वह वर्ष 2004 तक जिले में तैनात रहे। इसी दौरान उन्होंने शासन और विभाग से अनुमति लिए बिना ही फर्जी कागजों के आधार पर 18 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। शिकायत होने पर शासन ने जांच के बाद राजीव गर्ग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए। वर्ष 2009 में थाना कोतवाली में उनके खिलाफ धोखाधड़ी करने, फर्जी कागज तैयार करने, फर्जी कागजों का असली के रुप में प्रयोग करने तथा भ्रष्टाचार करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सतर्कता अधिष्ठान ने जांच में उनको दोषी पाया। अधिष्ठान की जांच के बाद उनके खिलाफ शासन ने मुकदमा चलाने की संस्तुति दे दी है। शासन की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने इस संबंध में विभाग तथा न्यायालय को सूचना भेज दी है।
खंडीय लेखाधिकारी भी दोषी करार
मैनपुरी। विभाग के खंडीय लेखाधिकारी राधाकृष्ण मिश्रा जांच में लापरवाही बरतने के दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए वरिष्ठ उप लेखाकार ने संस्तुति कर दी है। शासन और विभागीय कार्रवाई की सूचना अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सत्य प्रकाश को भी भेज दी है। उन्होंने डीजीसी फौजदारी सुभाषचंद्र यादव को पत्र लिखकर कहा है कि मांगे जाने पर संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन सड़कों का है मामला
मार्ग धनराशि
मैनपुरी से घुसलेंडा मार्ग 7,73,093 रुपया
हन्नूखेड़ा से मरहोली मार्ग 2,56,939 रुपया
जीटीरोड से मेरापुर मार्ग 7,60,291 रुपया
मेरठ में चलेगा मुकदमा
मैनपुरी। घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपी अधिशासी अभियंता राजीव गर्ग के खिलाफ अब मेरठ में मुकदमा चलेगा। सतर्कता अधिष्ठान ने अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी है। शासन से अनुमति मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर गरमा गया है।
इस संबंध में शासन का पत्र मिल चुका है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। दोषी को सजा मिलेगी।
चंद्रपाल सिंह, डीएम