मैनपुरी। जिला पंचायत पर सपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा। 26 सपा समर्थक जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए हैं। अन्य छह सदस्यों भाजपा, बसपा और निर्दलीय के हिस्से में दो-दो सीटें आई है तो कांग्रेस का एक भी समर्थित नहीं जीत पाया। सपा नेताओं ने इसे विकास की जीत बताया है तो विरोधियों ने सत्ता के दुरुपयोग की जीत बताया है।
सोमवार को हुई मतगणना के बाद जिले में जिला पंचायत सदस्य की 31 सीटों पर परिणाम घोषित किए गए। घिरोर के वार्ड नंबर 18 से बेबी यादव निर्विरोध चुनी गईं। 32 में से 26 सदस्य सपा के समर्थक चुने गए। जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने इस जीत का श्रेय पार्टी के विकास कार्यों को दिया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष संकोच गौड़ ने कहा कि यह सभी सीटें सत्ता का दुरुपयोग कर प्राप्त की गई हैं। बसपा के जिलाध्यक्ष एसपी सिंह राणा ने कहा कि शासन और प्रशासन ने सत्ता के दबाव में आकर सपा समर्थकों को जितवाया है। भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता का कहना है कि सपा नेताओं ने खड़े होकर बूथ कैप्चर कराए, मतपत्र लूटे। प्रशासन का जमकर दुरुपयोग किया गया। चुनाव में जनादेश नहीं बल्कि सत्ता का आदेश चला है।
सबसे अधिक मतों से जीतीं सुधा
मैनपुरी। सुल्तानगंज के वार्ड 10 से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी सुधा जिले में सर्वाधिक 8800 मतों से जीतीं। उन्होंने नीरा को हराया। वहीं सबसे कम वोटों से बेवर के वार्ड छह से प्रत्याशी प्रदीप प्रताप सिंह ऊर्फ छोटे प्रधान जीते। वे सिर्फ 123 मतों से जीते। उन्होंने आकाश प्रताप सिंह चौहान को हराया।
पुन: मतगणना हुई
मैनपुरी। पंचायत चुनावों में कई ब्लाकों मेें कई सीटों के लिए पुन: मतगणना हुई। सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत के वार्ड 15 में भी सुजान सिंह की हार के बाद देर रात पुन: मतगणना कराई गई। हालांकि वे फिर भी हार गए। हालांकि इस संबंध में सुजान सिंह का कहना है कि उनको बेइमानी से हराया गया है। उन्होंने मतगणना की मांग की थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा बेवर, किशनी, करहल आदि ब्लाक में भी पुन: मतगणना हुई।