पहाड़ों पर बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ा दी है। सर्दी का सितम अब कहर बरपा रहा है। भले ही कोहरा थम गया है, लेकिन शीतलहर की मार लगातार जारी है। चार डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ गुरुवार का दिन भी ठंडा रहा। लोग पूरे दिन अलाव के पास ही डटे रहे। वहीं शीतलहर में कंपकंपाते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे।
हाल ही में पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर जिले में भी दिखाई देने लगा है। गुरुवार को आसमान साफ रहा और दिनभर धूप भी खिली। मगर, धूप भी हवाओं में घुली गलन को शांत न कर सकी। दिनभर शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। लोगों की कंपकंपी छूटती रही। दोपहर में अधिकतम तापमान 16, तो न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सर्द हवाआें में कांपते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे।
ठंड बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में इससे पीड़ित मरीजों की संख्या में भी तेजी से इजाफा होने लगा है। सर्दी की चपेट में सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ऐसे में सीधे हवा के संपर्क में न आने और जहां तक संभव हो शरीर को गर्म रखने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन एवं प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके उपाध्याय का कहना है कि सर्दी का मौसम ब्लड प्रेशर और दिल के मरीजों के लिए बेहद घातक होता है। सर्दियों में रक्त गाढ़ा हो जाता है। जिससे धमनियों में इसे बहने के लिए बेहद दबाव की जरूरत होती है। दबाव बढ़ने का सीधा असर दिल पर पड़ता है।