मैनपुरी। पति की मृत्यु के बाद महिला ने बीमा के पांच लाख रुपये मांगे तो दावे में कमियां बताते हुए बीमा कंपनी ने भुगतान करने से मना कर दिया। सोमवार को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष ने बीमा कंपनी को छह प्रतिशत ब्याज के साथ धनराशि अदा किए जाने का आदेश दिया है।
दन्नाहार क्षेत्र के गांव रठेरा निवासी संगीता यादव के पति देव कुमार ने पांच लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी, जीवन लाभ योजना ली थी। जिसमें पत्नी संगीता को उत्तराधिकारी बनाया था। 23 मई 2020 को पति की मृत्यु हो गई थी। पति की मृत्यु के कुछ समय बाद जब उन्होंने बीमा कंपनी से बीमा के पांच लाख रुपये मांगे तो मना कर दिया गया। कहा गया कि उनके पति की आयु वोटर कार्ड व स्कूल प्रमाण पत्र के अनुसार भिन्न है। जबकि दोनों ही प्रपत्र बीमा करते समय बीमा कर्ता के पास मौजूद थे।
मामले में सोमवार को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशि भूषण पांडेय ने निर्णय सुनाया। बीमा कंपनी को आदेश दिए कि वह दावा प्राप्त होने की तारीख से बीमा की पांच लाख रुपये की धनराशि पर छह प्रतिशत साधारण ब्याज सहित संगीता देवी को देने के लिए आयोग के खाते में जमा कराएं। इसके अलावा मानसिक कष्ट के संबंध में आठ हजार रुपये, परिवाद व्यय के छह हजार रुपये 45 दिनों में आयोग के खाते में जमा कराएं।