सोमवार की सुबह नगला पजाब में तीन किशोरों के हादसे में गंभीर घायल होने के बाद एक बार फिर स्कूल और अधिकारियों की ओर अंगुली उठनी शुरू हो गई है। बच्चों को गाड़ी चलाने से न तो अभिभावक रोकते हैं और न ही स्कूल संचालक व अधिकारी ही इस ओर ध्यान देते हैं।
उल्लेखनीय है कि नियमानुसार 18 साल से कम उम्र के बच्चे गियर वाली बाइक नहीं चला सकते। यही नहीं किशोर उम्र के बच्चों को ड्राइविंग लाइसेंस भी जारी नहीं किए जाते। इसके बाद भी बड़ी संख्या में बच्चे तेज रफ्तार स्कूटी और बाइक से स्कूलों में जाते हैं। घर से निकलते समय अभिभावक, रास्ते में पुलिस और स्कूलों में संचालक इस ओर से आंखें मूंदें रहते हैं। इस संबंध में सीओ सिटी का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि कम उम्र के बच्चे यदि बाइक चलाते मिलें तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। यही नहीं उक्त बच्चों के अभिभावकों को भी थाने बुलाकर उन्हें हिदायत दी जाए। इसके अलावा स्कूलों संचालकों को भी पत्र लिखकर कहा जाएगा कि वे भी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों पर विशेष निगाह रखें।