मैनपुरी। नगर के पंजाबी कालोनी स्थित गुरुद्वारा में शबद-कीर्तन हुआ। वक्ताओं ने कहा गुरु गोविंद के साहबजादों से युवाओं को शिक्षा लेनी चाहिए। युवा नशे की प्रवृत्ति छोड़कर हिंदू धर्म की रक्षा करें।
शुक्रवार को हुए कार्यक्रम में ज्ञानी रुपिंदर सिंह ने शबद कीर्तन और संगत कर साहबजादों की शहीदी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के चार साहबजादे अपने पिता के गर्व और हिंदू धर्म को बचाने के लिए 17, 15, नौ ओर सात वर्ष की आयु में शहीद हो गए थे। देश के इतिहास में यह पहली और आखिरी शहीदी साबित हुई जो इतनी कम उम्र में हुई। उन्होंने कहा कि समाज के युवा गुरू गोविंद सिंह के साहबजादों से शिक्षा लें। शबद कीर्तन के बाद लंगर बांटा गया। इस मौके पर सरदार हरबंस सिंह, रविंद्र सिंह, नरेंद्र कालरा, जनक सिंह, सर्वजीत सिंह, मान सिंह, अरविंद सिंह, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।