Heavy rain makes flood situation in Agra
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ऋषि मुनियों की धरती मैनपुरी से इस बार भी इंद्रदेव रूठ गए हैं। यही कारण है कि जिले का नाम प्रदेश के 75 जिलों में से उन छह जिलों में शामिल है जहां पर न्यूनतम बारिश ही हुई है। जिले में अब तक मात्र 24 मिमी बारिश हुई है। जो प्रदेशभर में सबसे कम है। इसके चलते मौसम जानकारों के साथ ही किसानों और आम लोगों के माथे पर शिकन आ गई है। मौसम विभाग के यह आंकड़े एक जून से 10 जुलाई तक हैं। अब लोगों की आश जुलाई माह पर टिकी हुई है।
इस वर्ष मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश भर में अच्छी बारिश की घोषणा की थी। इसके चलते किसानों और भीषण गर्मी से तड़प रहे लोगों को कुछ राहत की आस बंधी थी। उन्हें लगा कि मानसून अच्छा होगा तो गर्मी से राहत मिलने के साथ ही फसल भी अच्छी होगी। इसके चलते पिछले वर्ष कम बारिश के चलते हुए नुकसान की भी भरपाई हो सकेगी। लेकिन एक जून से 10 जुलाई तक के दौरान इंद्रदेव मैनपुरी से खासे रूठे रहे। यही कारण है कि आम लोगों के साथ ही किसानों की आशाओं पर पानी फिर गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान जिले में मात्र 24.8 प्रतिशत बारिश हुई है जो कि सामान्य का मात्र 20 प्रतिशत है। जबकि सामान्य बारिश के लिए कम से कम 122 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यह बारिश प्रदेश के 75 जिलों में सबसे कम है। यह स्थिति तब है जबकि आगरा मंडल मथुरा को छोड़कर अन्य जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो रही है। मथुरा में हालात थोड़े सही हैं। वहां पर 48 प्रतिशत बारिश हुई है।
उल्लेखनीय है कि मैनपुरी में पिछले वर्ष 42.8 मिमी बारिश हुई थी। जोकि सामान्य से मात्र 35 प्रतिशत ही थी।
इन छह जिलों में न्यूनतम हुई बारिश
जिला बारिश (मिमी)
कुशीनगर 83.3
अंबेडकरनगर 52
देवरिया 60.6
गाजियाबाद 28.6
जीबी नगर 28
मैनपुरी 24.8
अब जुलाई से आस
मैनपुरी। जिले के किसानों और उमस भरी गर्मी से तड़प रहे लोगों को अब जुलाई से उम्मीद है। हालांकि अभी तक इस माह में भी सामान्य बारिश दर्ज नहीं की गई है। देखना यह है कि आगे मौसम कितना मेहरबान होता है।
कम बारिश से धान की बुवाई हुई लेट
मैनपुरी। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा का कहना है कि कम बारिश के चलते धान की बुवाई कुछ लेट है। आशा जताई जा रही है कि आगामी दिनों में बारिश सामान्य होगी तो बुवाई सही हो सकेगी।