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सात विद्युत उपकेंद्र बने, आठ निर्माणाधीन

Wed, 13 Jul 2016 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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उत्पादन लागत में कमी आई - फोटो : Getty
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‌‌जिले में सात नए विद्युत उपकेंद्र बनाए गए हैं। आठ का निर्माण चल रहा है। 100 एमवीए परिवर्तक के स्थान पर 160 एमवीए का परिवर्तक लगाया गया है। जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति और उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए विभाग ने शासन से बजट मिलने के बाद कई प्रयास किए हैं।  
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सपा के गढ़ माने जाने वाले जिले को वीआईपी दर्जा मिला हुआ है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव खुद भी दो बार जिले से सांसद रह चुके हैं। 15 स्वीकृत विद्युत उपकेंद्रों में से सात बनकर पूरे हो चुके हैं। इनमें 132 केवीए के कुरावली,कुसमरा, 33/11 केवीए के ज्योंती खुड़िया, अरसारा, सैदपुर भगौली, शमशान घाट, करहल रोड शामिल हैं। जिन आठ का काम चल रहा है उनमें 132 केवीए का सुल्तानगंज, 33/11 केवीए का कोसमा मुसलमीन, अरमसराय, आलीपुर खेड़ा, हन्नूखेड़ा, शमशेरगंज, मीठेपुर, नवीगंज शामिल हैं। 220 केवी उपकेंद्र मैनपुरी पर 100 के स्थान पर 160 एमवीए का परिवर्तक लगाया गया है। जिले में एक नंबर 765 केवीए के विद्युत उपसंस्थान खर्रा का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस विद्युत उपसंस्थान के पूर्ण होने के बाद लो वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं को निजात मिलेगी।

विद्युत विभाग को मिला 54 करोड़ 
मैनपुरी। बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए शासन ने 25 करोड़ रुपया स्वीकृत किया है। इसमें से परिवर्तक के लिए चार करोड़, 132 केवीए के तीन उपकेंद्रों के लिए 50.40 करोड़, 33/11 केवीए के 12 उपकेंद्रों के लिए 2191 लाख स्वीकृत किए हैं। निर्माणाधीन उपकेंद्रों को शीघ्र पूरा कराकर चालू कराने की योजना है।
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नगर में 40 नए ट्रांसफार्मर लगेंगे         
मैनपुरी। विधायक सदर राजकुमार के प्रयासों से मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत 60 करोड़ रुपये से नगर में 40 स्थानों पर नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। नगर में सात स्थानों पर आ एदिन होने वाले फाल्ट से बचने के लिए अंडरग्राउंड केबल भी बिछाई जाएंगी। 
 
आए दिन होते फाल्ट, फुंकते ट्रांसफार्मर
मैनपुरी। जिले में आए दिन फाल्ट होते हैं और ट्रांसफार्मर भी फुंक जाते हैं। जिसकी वजह लोड अधिक होना बताया जाता है। लोगों को आज तक इस समस्या से निजात नहीं मिल सकी है। फाल्ट होने और ट्रांसफार्मर फुंकने से कई घंटों तक के लिए आपूर्ति बाधित हो जाती है। जबकि फुंका हुआ ट्रांसफार्मर बदलने में काफी समय लगता है।

जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फाल्ट और फुंके ट्रांसफार्मर भी जल्द बदलवाए जाते हैं। 72 घंटे में फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने पर संबंधित जेई की जवाबदेही होगी। निर्माणाधीन उपकेंद्रों को भी शीघ्र ही चालू कराया जाएगा। कर्मचारियों के शिकयत नहीं सुनने पर उपभोक्ता एसई कार्यालय में भी शिकायत कर सकते हैं। जिस पर कार्रवाई की जाएगी।
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- एके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता
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