मैनपुरी। सुदिती ग्लोबल एकेडमी में विश्व एड्स दिवस पर गोष्ठी हुई। इसमें एड्स के दुष्प्रभावों के बारे में छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंध निदेशक डा. राममोहन ने किया।
प्रबंध निदेशक डा. राममोहन ने कहा कि जैसे-जैसे हम नैतिकता, जीवन मूल्यों एवं प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। वैसे- वैसे अमर्यादित जीवन शैली को अपनाते जा रहे हैं। इससे नई-नई बीमारियां पनपने लगी हैं। इन्हीं में से एक बीमारी एड्स भी है, जो मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह से नष्ट कर देती है। इस बीमारी का सटीक निदान अभी तक नहीं खोजा जा सका है। ऐसे में इस बीमारी से बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है। मौजूदा समय में इस बीमारी के प्रसार का मुख्य कारण इस रोग से संक्रमित व्यक्ति का खून किसी दूसरे व्यक्ति को चढ़ाया जाना, रोग से संक्रमित माता-पिता से उत्पन्न होने वाली संतानों में भी बीमारी के विषाणु पहुंचकर नवजात शिशु को संक्रमित कर देते हैं।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि बाल कटवाते समय नई ब्लेड का उपयोग करना चाहिए। यदि कभी हमारे घर में किसी को खून चढ़वाने की जरूरत पड़े तो पहले खून की जांच करवाने के उपरांत ही उपयोग करें। इस अवसर पर प्रशासनिक प्रधानाचार्य डा. कुसुम मोहन, सचिव लव मोहन, संयुक्त सचिव लवीना मोहन, उप प्रधानाचार्य जय शंकर तिवारी, डाक्टर ओमेश जादौन, आरआर तिवारी आदि मौजूद थे।