मैनपुरी। किशोरी को बहला फुसला कर ले जाने के मामले में दर्ज हुई प्राथमिकी में आरोपी पक्ष से समझौते के नाम पर दरोगा द्वारा 2 लाख रुपये मांगे गए। इसका ऑडियो वायरल होने पर एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया है। एसपी ग्रामीण को विभागीय जांच सौंप दी गई है।
27 अगस्त 2025 में बिछवां थाना क्षेत्र के एक पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को उसके जीजा का भाई कालाखेत निवासी विंकल 5 अगस्त को बहला फुसला कर अपने साथ ले गया है। पुलिस ने 7 जून 2026 को बड़ी बहन के घर से किशोरी को बरामद कर लिया। किशोरी के न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए तो उसने युवक के साथ जाने की कहा। नाबालिग होने के कारण पुलिस ने किशोरी को स्वजन को सौंप दिया। इस मामले में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें मुकदमे की विवेचना कर रहे दरोगा मनोज कुमार ने आरोपी के भाई से बात की और मामले को रफा-दफा करने के लिए 2 लाख रुपये की डिमांड की।
सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल हुआ तो एसपी गणेश प्रसाद साहा ने इसकी जांच क्षेत्राधिकारी भोगांव रामकृष्ण द्विवेदी को दी। प्रथम दृष्टया दरोगा दोषी पाया गया, जिसके बाद एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया। वहीं दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी को सौंप दी।
-
ऑडियो वायरल में दोषी पाए जाने पर सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ग्रामीण इसमें विभागीय जांच कर रहे हैं। -गनेश प्रसादा साहा, एसपी, मैनपुरी