स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन में अब खेल नहीं हो सकेगा। विद्यार्थी का एक विद्यालय में नामांकन होने के बाद उसका दूसरे विद्यालय में नामांकन नहीं हो सकेगा। नामांकन में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए विद्यार्थियों का विवरण आनलाइन किया जा रहा है। 3770 विद्यालयों के कक्षा एक से 12 तक के विद्यार्थियों का आनलाइन विवरण होगा। इसकी कवायद विभाग की ओर से शुरू हो गई है।
अब विद्यार्थियों का विवरण एक क्लिक पर नजर आएगा। इससे उनको स्थानांतरण प्रमाणपत्र व अंक पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी। वहीं नामांकन में फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगेगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार की ओर से अभी तक जिलों से संख्यावार विद्यार्थियों का विवरण मांगा जाता था। जिसके आधार पर सरकार शैक्षिक वजट का प्रावधान करती थी। इनका संख्यात्मक विवरण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जाता था, लेकिन नामांकन में फर्जीवाड़े की आशंका बनी रहती थी। साथ ही विद्यालयों में विद्यार्थियों की सही संख्या का आकलन करना मुश्किल हो जाता था। इसके चलते सरकार ने इस बार विद्यार्थियों का पूरा विवरण आनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। इसमें विद्यार्थी का नाम, पिता का नाम सहित विद्यालय में में प्रवेश की तिथि से लेकर उसके प्रमोशन आदि का पूरा वितरण दर्ज किया जाएगा। जिले में 3770 विद्यालय संचालित हैं। इनमें अध्ययनरत विद्यार्थियों का विवरण ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है।
यह दर्ज होगा विवरण
विद्यार्थी का नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, सोशल कैटागिरी, धर्म, प्रवेश की तिथि, एसआर नंबर, उपस्थित, दी जाने वाली सुविधाएं, परीक्षा परिणाम, अभिभावक का मोबाइल नंबर, ई-मेल और पता दर्ज किया जाएगा।
भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराए साफ्टवेयर पर विद्यार्थियों का आनलाइन विवरण का फीडिंग का कार्य शुरू कर दिया है। पूरा कार्य होने के बाद भारत सरकारी की वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। इसमें विद्यालय के यू डायस कोड के डालने पर विद्यालय में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों का विवरण पता चल सकेगा।
राघवेंद्र द्विवेदी, एमआईएस प्रभारी