प्रदेश में बिजली की किल्लत है। जिले में जमकर कटौती हो रही है। तो दूसरी ओर बिजली का फालतू प्रयोग हो रहा है। दिन-रात में हर समय अधिकांश गलियों में स्ट्रीट लाइट जलती नजर आती हैं। इसे लेकर नगर पालिका कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
नगर के प्रमुख मार्गों पर भले ही एलईडी लाइट लगवाई हों लेकिन आंतरिक गलियों में अभी भी सोडियम लाइट ही लगी हैं। इन लाइट को सुबह समय से बंद करने और शाम को समय से जलाने की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है, लेकिन पालिका प्रशासन इसे नहीं निभाती। नगर के मोहल्ला खरगजीत नगर, बंशीगौरा, देवपुरा, पुरानी मैनपुरी इलाका, राजा का बाग आदि क्षेत्रों में दिन में स्ट्रीट लाइट जलती रहती हैं। यदि पालिका प्रशासन और स्थानीय लोग जागरूक हों तो लाइटों को बंद कर 10 मेगावॉट बिजली बचाई जा सकती है।
सोडियम लाइट में प्रति घंटे 2011 यूनिट बिजली की खपत हो रही है। लाइट को समय से बंद कर बिजली का अपव्यय रोका जा सकता है। एक सोडियम लाइट चार घंटे में एक यूनिट और एक हाईमास्ट लाइट एक घंटे में एक यूनिट बिजली खर्च करती है। इस बारे में कई बार नगर पालिका के अधिकारियों से कहा गया है।
- एके पांडेय, अधिशासी अभियंता
कर्मचारियों की ड्यूटी क्षेत्रों में लाइट बंद करने और जलाने की लगाई गई है। स्ट्रीट लाइट को समय से बंद और चालू कराया जाएगा। लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रामपाल यादव, ईओ नगर पालिका