केंद्र सरकार की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना में जिले का चयन हुआ है। अब योजना के तहत लोगों को जागरूक करने से लेकर लिंग परीक्षण रोकने तक के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। इस पर होने वाला खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी
देशभर में लिंगानुपात बहुत तेजी से घट रहा है। केंद्र के आंकड़ों के अनुसार मैनपुरी में प्रति एक हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या मात्र 870 है। कई ऐसे शहर हैं जहां यह अनुपात चिंताजनक स्थिति में है। उक्त शहरों में लिंगानुपात की स्थिति में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की है। इसके तहत देशभर में 60 ऐसे शहर चुने हैं जहां लिंगानुपात की स्थिति काफी नाजुक है।
डीएम लोकेश एम को पिछले दिनों दिल्ली में हुई इस अभियान की बैठक में बुलाया गया था। इसमें उन्हें बताया गया कि मैनपुरी जिले का चयन उक्त योजना के तहत हुआ है। डीएम ने कलक्ट्रेट स्थित सभागार में पत्रकारों को बताया कि योजना में चयन होने के बाद जिले में कई अभियान चलाए जाएंगे। इनमें बेटियों के प्रति जागरूकता लाने के लिए शहर से देहात तक जागरूकता कार्यक्रम होंगे। साथ ही अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें खर्च होने वाली राशि केंद्र सरकार देगी।