मैनपुरी। जिले में तो एक जनवरी से ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो चुका है। इसमें 1027193 लोगों को शामिल किया गया है। इन्हेें दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन वह भी लाभार्थियों को मिल नहीं रहा है। वहीं प्रदेश भर में मंगलवार से यह योजना लागू हो गई।
प्रदेश के 24 जिलों में एक जनवरी से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया था, जिसमें मैनपुरी जिला भी शामिल है। जिले में एपीएल कार्ड धारक 3.18 लाख से अधिक हैं। इसके साथ ही बीपीएल कार्ड धारक 74415 हैं। अंत्योदय कार्ड धारक 45894 हैं। जिले में योजना के तहत 248968 राशन कार्ड चयनित हुए। इन कार्डों में 1027193 लोग शामिल हैं। विभाग के अनुसार सभी को निर्धारित दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
वहीं, नगला दलीप निवासी विश्वनाथ सिंह का कहना है कि उनका योजना में चयन होने के बाद भी राशन डीलर पहले की तरह ही खाद्यान्न देता है। घटतौली भी की जा रही है। योजना से कोई अपेक्षित लाभ नहीं मिला। रतिभानपुर निवासी द्रोपदी का कहना है कि योजना के तहत चावल तीन रुपये और गेहूं दो रुपये किलो मिलेगा, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हविलिया निवासी बैकुंठी देवी का कहना है कि कई बार भाग दौड़ करने के बाद नाम शामिल हुआ। अभी तक उन्हें लाभ नहीं मिला है। हविलिया निवासी शिवकुमारी का कहना है कि उन्हें निर्धारित दर पर ही 15 किलो गेहूं और 20 किलो चावल मिले हैं। इससे उन्हें काफी राहत मिली है। पूर्व में महंगा अनाज लेना पड़ता था।
सभी कोटा डीलरों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल पात्रों को वितरित करने के निर्देश दिए हैं। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि राशन न मिलने की शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
संजय मिश्रा, प्रभारी जिला पूर्ति अधिकारी मैनपुरी