प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे भारत में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है। वहीं इस अभियान की सफाई कर्मियों द्वारा खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े ढेर लगे नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि स्वच्छ शहरों की सूची में जिले का 379वां स्थान है। जबकि आंकड़ों के अनुसार पालिका क्षेत्र में हर महीने 45 लाख रुपये तक सफाई अभियान पर खर्च हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है केंद्र सरकार ने भारत में स्थित विभिन्न शहरों का सर्वे कराया था। इसमें स्वच्छ शहरों में जिले का 379वां स्थान है, जो पालिका की लापरवाही साफ दर्शाती है। वहीं पालिका के पास सफाई कर्मचारियों और वाहनों की कमी नहीं है। इसके बाद भी नगर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर से निकलने वाली दुर्गंध से आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। गंदगी के कारण मच्छरों की भी भरमार है। इससे लोगाें की रात की नींद हराम है। साथ ही लोगों में गरमी के मौसम में संक्रामक रोग फैलने का डर लगा रहता है। जिस पर न ही किसी जनप्रतिनिधि और न ही किसी पालिका के कर्मचारियों की नजर जाती है।
दृश्य-एक
देवी रोड स्थित कच्छा आढ़ती स्कूल के सामने ही कूड़े और गंदगी का ढेर लगा है। इससे शिक्षक और बच्चे परेशान हैं। सफाई कर्मचारी गलियों और मोहल्लों का कूड़ा लाकर यहां डालते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी नौनिहालों को होती है। शिक्षकों का कहना है कि शिकायत करने पर पालिका कूड़ा हटवाती है, लेकिन सफाई कर्मचारी प्रतिदिन कूड़ा डालते हैं।
दृश्य-दो
प्राथमिक विद्यालय अवध नगर के चंद कदम की दूरी पर कूड़े का ढेर लगा रहता है। इतना ही नहीं यहां एक निजी स्कूल भी है। इसके बाद सफाई कर्मचारी कूड़ा डाल देते हैं। इससे बच्चों और शिक्षकों को परेशानी होती है।
सफाई के संसाधन एक नजर में
सफाई कर्मचारी 437
सफाई निरीक्षक 02
सफाई वाहन छोटे-बड़े 32
वार्ड की संख्या 25
खर्चा 40-45 लाख प्रतिमाह
जनसंख्या 1.79 लाख
सफाई कर्मचारियों को शहर में लगे कूड़े के ढेर हटाने के निर्देश दिए हैं। सुबह और शाम दो पालियों में कूड़ा हटवाया जाता है। ताकि स्थानीय लोगाें को परेशानी न हो।
-साधना गुप्ता, चेयरमैन, नगरपालिका
शहर को स्वच्छ करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वह स्वयं मोहल्लों का निरीक्षण करते हैं। जहां गंदगी मिलती है वहां के सफाई कर्मचारियों को चेतावनी भी दी जाती है।
-रामपाल यादव, ईओ, नगरपालिका