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कहीं नाम मात्र तो कहीं दूध के लिए तरसे नौनिहाल

Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User ब्यूरो, अमर उजाला मैनपुरी
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मैनपुरी। एमडीएम के नए मीनू का बुधवार को एक बार फिर परिषदीय स्कूलों में तमाशा बना। शहर और देहात में अधिकारियों का पूरा अमला भी दर्जनों स्कूलों में बच्चों को मानके अनुसार दूध मुहैया नहीं करा सका। तमाम मशक्कत के बाद भी कई स्कूलों में दूध नहीं मिल तो कई में कटोरियों में नाममात्र के लिए दूध देकर शिक्षकों ने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। हालांकि अधिकारी अपनी पीठ थपथपाते हुए यह दावा कर रहे हैं कि कुछ एक स्कूलों को छोड़ जिले के शेष सभी विद्यालयों में बच्चों को मानक के अनुसार दूध मिला है।
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परिषदीय विद्यालयों में नए मीनू के अनुसार बुधवार को बच्चों को दूध और कोफ्ता व चावल वितरित किए जाने के शासन से आदेश हैं। पिछले बुधवार को जिले के 10 प्रतिशत स्कूलों में भी नए मीनू का पालन नहीं हुआ था। इसके चलते पूरे प्रशासनिक अमला ने नए मीनू के अनुसार बच्चों को भोजन दिलाने का जिम्मा लिया। इसके चलते सुबह से ही डीएम से लेकर तहसील स्तर तक के अधिकारी स्कूल में एमडीएम की चेकिंग करने पहुंच गए। जिलाधिकारी चंद्र पाल सिंह प्रावि सिकंदरपुर पहुंचे। यहां बच्चों को दूध वितरित होता मिला। मौके पर 100 में से 48 बच्चे ही मिले। जूनियर हाई स्कूल में भी पंजीकृत बच्चों की संख्या कम थी। उन्हें प्राथमिक विद्यालय नगला पजाबा में बच्चो को दूध वितरित होता नहीं मिला। प्रधानाध्यापिका प्रीति दीक्षित ने उपस्थित रजिस्टर में अनुपस्थित बच्चों का अंकन नहीं किया गया था। किताबों का वितरण भी नहीं हुआ था। मुख्य विकास अधिकारी अनुराग पटेल ने प्राथमिक विद्यालय गड़ेरी, नगला भंत, नगला मंडिल, संतपुर एवं जूनियर हाई स्कूल नगला भंत का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें किसी भी स्कूल में नया मीनू दीवार पर लिखा नहीं मिला। विद्यालय गड़ेरी में एक जुलाई से भोजन नहीं बना है। वहीं डीआईओएस आरपी यादव ने जीजीआईसी प्रायमरी, जूनियर, प्राथमिक विद्यालय चौथियाना, नमईहार प्राइमरी और जूनियर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें प्राथमिक विद्यालय रमईहार में दूध का वितरण होते नहीं मिला। वहीं बीएसए हरिकेश यादव ने छह परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें प्राथमिक विद्यालय जसरऊ में नए मीनू के अनुसार दूध का वितरण होते नहीं मिला। इस पर उन्होंने शिक्षक मुकेश त्रिपाठी का वेतन रोक दिया। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय चांदपुर में न तो दूध बंटा था और न ही एमडीएम बना था। इस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक चकरेश कुमार का वेतन रोकने के निर्देश दिए।

200 की जगह 50 मिली मिल रहा बच्चों को दूध
मैनपुरी। प्राइमरी पाठशाला देवीरोड पर सुबह 9.40 बजे अमर उजाला की टीम जांच के लिए पहुंची तो वहां स्कूल में बच्चों के लिए खाना बन रहा था। वहां रसोइया कोफ्ता और चावल बना रही थी। वहीं बच्चे कटोरी में दूध पी रहे थे। कटोरी में दूध 50 एमएल से ज्यादा नहीं था। जबकि शासन से निर्देश हैं कि प्रत्येक बच्चे को 200 मिली दूध दिया जाए।
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शिक्षक नहीं लिख सके स्फूर्ति
मैनपुरी। सीडीओ अनुराग पटेल के कहने पर प्राथमिक विद्यालय नगला मंडिल में कक्षा पांच के बच्चे अपना नाम तक नहीं लिख पाए। प्रधानाध्यापक राजीव पांडेय स्वयं भी 17-19 का पहाड़ा और न ही हिंदी में स्फूर्ति शब्द लिख सके। उन्हें जूनियर हाई स्कूल नगला भंत से सहायक अध्यापिका शशिबाला, प्राथमिक विद्यालय गड़ेरी से प्रधानाध्यापक राजीव कुमार, सहायक अध्यापिका किरन देवी स्कूल में नहीं थीं।
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