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Mainpuri News: निजी विद्यालयों की सुस्ती, धीमी हुई अपार आईडी की रफ्तार

Thu, 30 Jul 2026 11:36 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
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मैनपुरी। निजी विद्यालयों की सुस्ती से अपार आईडी की रफ्तार धीमी हो गई है, इससे आगरा मंडल में जिले का दूसरा स्थान है, जबकि फिरोजाबाद इसमें पहले स्थान पर बना हुआ है। तीसरे पर आगरा और मथुरा का चौथा स्थान है। निजी विद्यालयों के साथ ही परिषदीय विद्यालय भी इसमें ढील दे रहे हैं, जिससे प्रदेश में भी मैनपुरी की रैंकिंग खराब हो रही है।
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छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना, विद्यालय बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाने और डिजिलॉकर के माध्यम से सभी डिग्रियों और मार्कशीट को एक जगह जोड़ने के लिए अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) बनानी शुरू की गई थी। प्रदेश स्तर से 27 जुलाई को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में कुल 363795 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 215668 बच्चों की ही अपार आईडी बन पाई है। अभी भी करीब 148127 (40.72 प्रतिशत) बच्चों की आईडी नहीं बनी है। शिक्षा विभाग की ओर से अब तक 500 से ज्यादा विद्यालयों को इस संबंध में नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। प्रदेश की रैंकिंग में इस समय मैनपुरी का स्थान 24वां है।
अपार आईडी में पिछड़ने का सबसे बड़ा कारण निजी विद्यालय बन रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से कई बार चेतावनी नोटिस जारी होने के बाद भी काम में तेजी नहीं आ रही है। निजी विद्यालयों में वर्तमान में 224079 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से अब तक 104881 बच्चों की ही अपार आईडी बन पाई है। अभी भी 119198 (53.19 प्रतिशत) बच्चे वंचित हैं। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित स्कूल और मदरसों की रफ्तार भी धीमी है, इनमें वर्तमान में 2078 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें से 1286 बच्चों की अपार आईडी बनी है और 792 बच्चे बाकी हैं।
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परिषदीय से राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों की स्थिति बेहतर
अपार आईडी बनाने में राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों की स्थिति परिषदीय स्कूलों से बेहतर है। जिले परिषदीय स्कूलों में 101989 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें से अब तक 79866 बच्चों की आईडी बनी है और 22123 बच्चे शेष बचे हैं। वहीं राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में 35649 बच्चे हैं, जिनमें से 29635 की आईडी बनी है और मात्र 6014 शेष हैं। जहां परिषदीय विद्यालयों का शेष का प्रतिशत 21.69 है तो वहीं सहायता प्राप्त का 16.87 है।



आधार बन रहा सबसे बड़ी परेशानी
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अपार आईडी बनने में सबसे ज्यादा अड़चन आधार कार्ड की आ रही है। कुल पंजीकृत बच्चों में करीब 20 प्रतिशत का आधार कार्ड नहीं बना है। अभिभावकों को विद्यालयों की ओर से आईडी के लिए कहा गया तो उनका कहना था कि बच्चे का आधार कार्ड बनने में दिक्कत आ रही है। इसके साथ ही करीब 20 प्रतिशत ही बच्चे ऐसे हैं जिनके आधार कार्ड तो बने हैं, लेकिन आधार और शैक्षणिक दस्तावेज में दर्ज नाम व अन्य विवरण में अंतर है, अब उनका आधार अपडेट नहीं हो पा रहा है।



आगरा मंडल के आंकड़े
जिला - कुल पंजीकृत छात्र - अपार आईडी जनरेटेड - शेष छात्र
फिरोजाबाद - 493921 - 266879 - 227042
मैनपुरी - 363795 - 215668- 148127
आगरा - 858269 - 466587 - 91682
मथुरा - 490835 - 266466 - 224369



अपार आईडी बनवाने में तेजी लाने के लिए लगातार विद्यालयों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बच्चों के दस्तावेज और आधार में अंतर के कारण भी देरी हो रही है। जो विद्यालय कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं उन पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाता है। - सतीश कुमार, डीआईओएस
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