प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के विरुद्ध जिले में आजादी की अलख जगाने वाले महाराजा तेज सिंह जूदेव की शोभायात्रा विजयदशमी पर धूमधाम से निकाली गई। शोभायात्रा में घोड़ों पर सवार युवा और एक दर्जन से अधिक सुसज्जित झांकियां सभी को आकर्षित कर रही थीं। क्षत्रिय समाज के लोग केसरिया पगड़ी बांधकर चल रहे थे। एक वाहन पर महाराजा तेज सिंह का विशाल तैल चित्र शोभायमान था।
क्षत्रिय कल्याण परिषद के तत्वावधान में विजयदशमी पर्व पर महाराजा तेज सिंह की स्मृति में शोभायात्रा किले से प्रारंभ की गई। प्रात: दस बजे से ही क्षत्रिय एवं अन्य समाज के सैकड़ों लोग किले पर एकत्रित हुए। किले के सामने स्थित बांके बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना के पश्चात शोभायात्रा मदार दरवाजे पहुंची। यहां महाराजा तेज सिंह पार्क में स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
एक दर्जन से अधिक घोड़ों पर युवक और किशोर सवार होकर केसरिया पताका लहराते हुए चल रहे थे। वहीं काली अखाड़ा के कलाकार विभिन्न स्वरूपों में आकर्षित कर रहे थे। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रेलवे माल गोदाम के सामने एक मैदान में बनाए गए सभास्थल में पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गई।
क्षत्रिय कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामबाबू कुशवाहा, संयोजक महेंद्र प्रताप सिंह राजू, पूर्व विधायक अशोक चौहान, पूर्व विधायक शिवराज सिंह चौहान पीर्टीआई, अरविंद तोमर, प्रदीप चौहान, आशीष उर्फ राहुल राठौर, करनपाल सिंह, अजयपाल सिंह, सौरभ चौहान, विकास भदौरिया, सीमा चौहान, मंजूषा चौहान, मनोरमा सिंह, विशाल चौहान, शेखर चौहान, रामभान तोमर, मुनींद्र सिंह चौहान, धीरु राठौर, राकेश चौहान, रामवीर सिंह चौहान, शैलेंद्र राठौर, संजय चौहान आदि मौजूद थे।