मैनपुरी। शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाए जाने के लिए सरकार की ओर से बेसिक टीचिंग सर्टिफिकेट (बीटीसी) या इसके समकक्ष प्रशिक्षण दिए जाने के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से शिक्षामित्रों को और राहत मिली है। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोेर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी थी। इससे शिक्षामित्रों में खुशी है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजित करने से पूर्व बीटीसी या समकक्ष प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया था। इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिसे ठुकरा दिया गया था। बिना टीईटी पास किए शिक्षामित्रों की नियुक्ति के विरोध में टीईटी पास कुछ अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। टीईटी पास अभ्यर्थियों का कहना था कि बिना टीईटी पास किए किसी भी अभ्यर्थी को सहायक अध्यापक नियुक्त नहीं किया जा सकता। इसके बाद भी कोर्ट ने शिक्षामित्रों को बिना टीईटी पास किए बीटीसी प्रशिक्षण देकर विद्यालयों में सहायक अध्यापक के तौर नियुक्ति दे दी। सरकार के इस निर्णय को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर सात दिसंबर को रोक लगा दी थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी दायर रिट को खारिज कर दिया। इसके चलते शिक्षामित्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
इस मौके पर हेमसिंह यादव, शुभम शक्ति भदौरिया, विनीत चौहान, अजय यादव, बीना यादव, संध्या चौहान, रेणुका आदि शिक्षामित्रों ने हर्ष व्यक्त किया है।