आखिरकार बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में नगरपालिका क्षेत्र के सीमा विस्तार को मंजूरी मिल ही गई। अब क्षेत्र बढ़ने के साथ ही नगरपालिका की आबादी भी बढ़ जाएगी। साथ ही विकास कार्यों में भी अधिक खर्चा होगा। खर्च के सापेक्ष राजस्व की वसूली होने की संभावना कम है। ऐसी हालत में नगरपालिका को और संसाधन जुटाने होंगे।
नगर क्षेत्र का सीमा विस्तार करने के लिए नगर के समीपवर्ती आठ ग्राम पंचायतें और शहर के बाहरी हिस्से का एक मोहल्ला शामिल किया गया है। शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पालिका की सीमा विस्तार के लिए शहर के समीपवर्ती ग्राम पंचायतें संसारपुर, जगरूपपुर, तावेपुर, रमईहार, मैनपुरी देहात, धारऊ, मधाऊ, खरपरी और ट्रांसपोर्ट नगर शामिल किए गए हैं। इन क्षेत्रों में नगरपालिका की सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
इतनी बढे़गी आबादी
मैनपुरी। वर्तमान पालिका क्षेत्र की आबादी एक लाख बीस हजार है। इसमें पालिका क्षेत्र में तीन हजार घर पंजीकृत हैं। वहीं इन ग्रामपंचायतों के शामिल होने से लगभग 38 हजार की आबादी और बढ़ जाएगी। इससे पालिका क्षेत्र की कुल आबादी एक लाख 58 हजार हो जाएगी।
विकास कार्यों पर इतना होगा खर्च
मैनपुरी। पालिका से शासन ने सीमा विस्तार करने के बाद विकास कार्यों में कितना खर्चा आएगा। इसका एस्टीमेट बनाकर मांगा था। जिसमें पालिका प्रशासन ने 30 करोड़ रुपया खर्च होने का एस्टीमेट बनाकर भेजा था। सीमा विस्तार के बाद उक्त क्षेत्रों के विकास के लिए 30 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।
यह मिलेंगी सुविधाएं
मैनपुरी। सीमा विस्तार होने के बाद पालिका को उक्त क्षेत्रों में विकास कार्य कराने होंगे। जिसमें पालिका पेजयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन डलवाएगी। इसके अलावा बिजली के खंभे, सड़कें, नालियां आदि सुविधाएं ग्रामीणों को उपलब्ध कराएगी।
सीमा विस्तार होने के बाद पालिका में शामिल हुए उक्त आठ क्षेत्रों में स्थित मकानों का पंजीकरण कराया जाएगा। उसके बाद बैनामा के हिसाब से हाउस टैक्स लिया जाएगा। साथ ही अन्य करों की भी बसूली की जाएगी।
रामपाल यादव, ईओ, मैनपुरी