किशनी। गांव सुल्तानपुर निवासी सिक्योरिटी गार्ड कमलेश (35) की गला घोंटकर हत्या की गई थी। सिर पर भी प्रहार किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजन के आरोप को सही साबित कर रही है। एसपी सिटी का कहना है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा।
गांव सुल्तानपुर निवासी कमलेश यादव, कासगंज की दूध डेयरी पर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। 20 फरवरी को वह कासगंज से घर के लिए निकला था। मगर वह घर नहीं आया। परिजन ने काफी तलाश किया। पता नहीं चलने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। बुधवार सुबह उसका शव पॉलीटेक्निक स्कूल से कुछ दूर ग्वालियर-बरेली हाईवे किनारे गेहूं के खेत में पड़ा मिला था। शव चार-पांच दिन पुराना लग रहा था।
परिजन ने अपहरण कर हत्या का आरोप लगाते हुए मार्ग पर जाम लगा दिया था। मृतक के भाई अवधेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। शव का दो चिकित्सकों के पैनल से बुधवार को पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट आने के बाद परिजन की आशंका व आरोप सही साबित हुए। कमलेश के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया था, जिसके बाद उसे गला घोंट कर मारा गया है। एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि मामला हत्या की धाराओं में दर्ज है। टीमें खुलासे के प्रयास में जुटी हैं, जल्द ही पुलिस अपराधी को सलाखों के पीछे भेजेगी।
खेत में की गई हत्या या शव लाकर फेंका
सिक्योरिटी गार्ड कमलेश यादव की हत्या हाईवे किनारे खेत में ही की गई है या हत्या करने के बाद शव को खेत में फेंका गया था। इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए बृहस्पतिवार को प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव मिलने वाले स्थान के आसपास काफी देर तक तलाश की जाती रही। वहां से पुलिस को घटना से जुड़ा काेई साक्ष्य मिला या नहीं अभी इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है।
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पत्नी और छोटे बेटे को थाने बुलाया गया
मृतक कमलेश की बहनों की ओर से पत्नी पर भी आरोप लगाए गए हैं। इसके चलते पुलिस किसी भी आरोप को नजरंदाज नहीं कर रही है। बृहस्पतिवार को मृतक की पत्नी और छोटे बेटा थाने पहुंचे। पुलिस ने उनसे पूछताछ भी की है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पत्नी 22 फरवरी को बड़े बेटे के साथ ससुराल सुल्तानपुर आ गई थी, अगले दिन छोटा बेटा अपनी नानी के साथ घर आ गया था।