मैनपुरी। कस्बा कुरावली के मोहल्ला कौआटोला के रहने वाले वारिश अली की हत्या के लिए भाड़े पर बुलाए गए बिल्ला की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। शनिवार को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए शिक्षक सहित तीन लोगों को जेल भेजा था, हत्या कांड में दो हत्यारोपी फरार चल रहे हैं।
मोहल्ला कौआटोला के रहने वाले वारिस अली का शव 20 मई का फतेहजंगपुर अंडरपास के पास मिला था। पहले तो पुलिस इसे सड़क हादसा मान रही थी, मगर कुरावली पुलिस ने शनिवार को चौंकाने वाला खुलासा किया। सरकारी शिक्षक अरुण कुमार निवासी गांव रसेमर जो कि हत्याकांड का मास्टर माइंड था, रविंद्र सोलंकी निवासी प्रेमपुरा कुरावली और ऋषि बाबू निवासी गांव गग्गरपुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा। वारिश अली की हत्या की वजह 9 करोड़ की भूमि बनी थी। साजिश के तहत एक प्लॉट के सौदे की बात कहते हुए वारिश की 12.5 बीघा जमीन का बैनामा अपने चालक अभिषेक के नाम करा लिया था। साथी रविंद्र निवासी प्रेमपुर शरीफपुर के खाते से प्लॉट की कीमत 35 लाख रुपये वारिश अली के खाते में ट्रांसफर करा दी थी।
मगर, राज खुलने का डर और वारिश अली की पुत्री के विरोध के चलते शिक्षक अरुण घबरा गया। उसमें 19 मई को वारिश अली को कार में बैठाने के बाद पहले तकिया से मुंह दबाया, इसके बाद हत्यारोपियों ने सरिया से वार कर वारिश को मौत के घाट उतार दिया था। हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव अंडरपास के पास फेंक गए थे। मगर, उनका अपराध छिप नहीं सका और पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेजा। चालक अभिषेक व भाड़े पर बुलाया गया हत्यारोपी विमलेश उर्फ बिल्ला निवासी बेवर अभी फरार है। एसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी का कहना बिल्ला पर हत्या सहित अन्य मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस जल्द ही फरार हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी।