मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में एक आईकेयर सेंटर द्वारा संतों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर जिला जज रामसुचित और एसडीएम घिरोर एमपी गुप्ता ने किया।
महात्मा विलक्षणानंद ने कहा कि मानव जीवन भगवान का मंदिर है। इस मंदिर में ईश्वर की आराधना और पूजा करने का सभी का अधिकार है। इसलिए उस परम पिता-परमेश्वर को संतों के माध्यम से जानकार अपने जीवन का उद्धार करना चाहिए। सत्संग जीवन को बदल देता है, जिसमें सूर, कबीर, तुलसी, नानक अनेक संतों ने भगवान की आराधना पूजा करा कर 84 के भवतापों से मुक्त किया। इसी संदर्भ में आज यह संत समागम रखा गया है।
केरल से आए महात्मा विकासानंद ने सत्संग का आधार लेते हुए इसे समाज की बुराइयों को दूर करने का इस माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सतगुरु सतफल महाराज सद्भावना सम्मेलनों के माध्यम से लाखों लाख भक्तों का उद्धार कर चुके हैं। सभी संतों को वस्त्र वितरित किए गए।
इस मौके पर विशिष्ट अतिथि प्रभारी बीएसए भारती शाक्य, सुनीता यादव, डाक्टर सुरेश कुमार, विनोद कुमार, उदयवीर सिंह, श्रीकृष्ण, नरेंद्र सिंह, प्रेमचंद्र प्रेमी आदि मौजूद थे।