सोमवार शाम चुनाव आयोग से अखिलेश यादव को साइकिल चुनाव चिह्न मिलने का निर्णय आते ही समर्थक सड़कों पर उतर आए। साथ ही उनके गुट द्वारा जमकर आतिशबाजी और नारेबाजी की। वहीं इस निर्णय के बाद मुलायम सिंह गुट में सन्नाटा पसर गया। हालांकि दूसरे गुट के लोग अभी भी दावा कर रहे हैं कि वे विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारेंगे। यदि ऐसा होता है तो जिले में चुनावी समर काफी तगड़ा होगा।
पिछले एक पखवाड़े से सपा के चुनाव चिह्न साइकिल को लेकर अखिलेश गुट और मुलायम सिंह गुट में विवाद चल रहा है। लंबी प्रतीक्षा के बाद सोमवार की शाम को चुनाव आयोग ने अखिलेश यादव के पक्ष में निर्णय सुनाया। इसके साथ ही सपा पार्टी का चिह्न अधिकृत रूप से अखिलेश यादव को मिल गया। जैसे ही लोगों को आयोग के निर्णय की जानकारी मिली, अखिलेश समर्थकों में खुशी का ठिकाना न रहा। अखिलेश गुट द्वारा घोषित प्रत्याशियों के अलावा समर्थक सड़कों पर निकल आए और जगह-जगह आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। इसके अलावा पार्टी कार्यालय पर भी जमकर आतिशबाजी हुई।
वहीं निर्णय के बाद मुलायम सिंह गुट में सन्नाटा पसर गया। इस संबंध में जब मुलायम सिंह गुट के समर्थकों से फोन पर वार्ता की गई तो उनका कहना था कि चिह्न जाने के बाद भी वे अपने प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारेंगे। चाहे परिणाम कुछ भी क्यों न हो। यदि ऐसा होता है तो जिले की चारों सीटों क्रमश: मैनपुरी, भोगांव, किशनी और करहल में चुनावी भिड़ंत देखने के काबिल होगी।
वहीं मामले की जानकारी होते ही करहल में जश्न का माहौल पैदा हो गया। सपा के युवा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर निकलकर अपनी खुशी का इजहार करते हुए अखिलेश और समाजवादी पार्टी के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। अखिलेश समर्थकों ने साइकिल चुनाव निशान अपने गुट को मिलने पर मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। ब्लाक प्रमुख बिल्लू सिंह यादव ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में मिठाई वितरित की।
अब धुंध के बादल छंट गए: अरविंद प्रताप
निर्वाचन आयोग द्वारा अखिलेश गुट को साइकिल चुनाव चिह्न आवंटित करने का स्वागत करते हुए एमएलसी अरविंद प्रताप यादव ने कहा कि अब धुंध के बादल छंट गए हैं और सपा पूरी दमदारी के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़कर जीत हासिल करके दोबारा उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएगी।
एमएलसी यादव ने कहा कि जो निर्णय चुनाव आयोग ने दिया है उसका फैसला तो एक जनवरी को लखनऊ में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन मेें ही हो गया था। उल्लेखनीय है कि उसमें अखिलेश यादव को पार्टी का सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव हमारे संरक्षक हैं और हमेशा रहेंगे। अब समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी सफलता के नए आयाम तय करेगी। उन्होंने कहा कि करहल से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी अभिषेक उर्फ अंशुल यादव हैं। चुनाव निशान का विवाद समाप्त हो चुका है।