सहालग की धूम पर गर्मी का मौसम हावी है। गर्म हवा के थपेड़े, तपती राह और आसमान से आग बरस रही है। ऐसे में विवाह समारोह भी किसी चुनौती से कम नहीं हैं। आए-जाए बिना भी तो काम नहीं चलता बस यही जुमला हर किसी की जुबान पर है जो विवाह समारोह में शामिल होने के लिए मजबूर कर देता है।
गर्मी के तीखे तेवरों ने सभी को बेहाल कर रखा है। जरूरी कार्य से घरों से निकलने वाले लोग चेहरा अंगोछे आदि से ढककर निकल रहे हैं। लोग सामान की खरीदारी के लिए बाजारों में घूमते हैं तो उनके चेहरे तेज धूप से सुर्ख लाल दिखाई देते हैं। सहालग के कारण बस स्टैंड पर भारी भीड़-भाड़ दिखाई देती है। लोग वाहनों के इंतजार में और गंतव्य स्थान की दूरी तय करने में गर्म हवाओं के थपेड़े खाते हैं। ऐसे में दूर-दूर तक पानी न मिले तो तड़पने की स्थिति हो जाती है।
डाक्टर राजेश वर्मा के अनुसार इतनी देरी से खिलाया जाने वाला खाना नुकसानदेह होता है। गर्मी में रोग से लड़ने की शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है। इसलिए ताजा भोजन ही करना चाहिए। गर्मी में वनस्पति या तेल से बनी पूड़ी आदि खाने के कारण रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती हैं।
तापमान रहा 41.6 डिग्री सेल्सियस
तापमान में निरंतर हो रही वृद्धि से जनजीवन बेहाल हो चला है। गरमी के तेवर तीखे हो चले हैं। गुरुवार को सुबह के समय आसमान में बदली छाने से गर्मी से कुछ राहत मिली थी, लेकिन दोपहर बाद फिर चटख धूप और गर्म हवाओं ने पसीने छुड़ा दिए। देर शाम तक लोग भीषण गर्मी से परेशान रहे। अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा।