किसानों तथा काश्तकारों की समस्याओं को कम करने के लिए अब तहसील सदर भी आनलाइन हो गई है। आनलाइन व्यवस्था होने से फर्जी प्रविष्टियों पर भी अंकुश लगेगा। गुरुवार को तहसीलदार सदर ने आनलाइन व्यवस्था का शुभारंभ किया।
किसानों और काश्तकारों को अपनी प्रविष्टियां दर्ज कराने के लिए तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं। प्रविष्टियां दर्ज करने के नाम पर कर्मचारी फर्जीवाड़ा भी करते हैं। इसके बाद भी किसानों को तहसीलों के चक्कर काटने पड़ते हैं। आनलाइन व्यवस्था किए जाने का लाभ किसानों को मिलेगा। तहसील सदर के आनलाइन होने के बाद अब किसानों को तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र से ही अब किसान और काश्तकार उद्धरण प्राप्त कर सकेंगे। आनलाइन होने के बाद अब खतौनी में किसी भी प्रकार की प्रविष्टि को बदला नहीं जा सकेगा। इस व्यवस्था से फर्जी प्रविष्टि पर भी रोक लग सकेगी। तहसीलदार सदर विनोद जोशी ने गुरुवार को आनलाइन व्यवस्था का शुभारंभ किया। इस मौके पर नायब तहसीलदार सदर गजराज सिंह यादव, रजिस्ट्रार कानूनगो सुरेशचंद्र यादव, राकेश सक्सेना, कंप्यूटर प्रभारी जयदीप कश्यप, लेखपाल सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
जिले की दूसरी तहसील बनी
मैनपुरी। सदर तहसील आनलाइन होने के बाद जिले की दूसरी तहसील बन गई है। इससे पहले किशनी तहसील को दो सप्ताह पहले आनलाइन किया गया था। जिले की पांच तहसीलों में से किशनी और सदर तहसील के आनलाइन होने के बाद अब करहल, घिरोर और भोगांव का आनलाइन होना शेष है।