नव संवत्सर के अवसर पर जिलेभर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पथ संचलन निकाला। पथ संचलन स्वामी भजनानंद सरस्वती विद्या मंदिर बंशीगोहरा से शुरू हुआ। इसके बाद स्टेशन रोड, क्रिश्चियन तिराहा, आगरा रोड, भीमसेन मंदिर, करहल रोड, होते हुए वापस स्कूल पहुंचकर समाप्त हुआ।
विभाग के संघ चालक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि नव संवत्सर के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ है। उन्होंने कहा कि हिंदू नव संवत्सर के दिन ही मान्यता है कि सृष्टि का निर्माण शुरू हुआ था। इसी दिन ऋतु परिवर्तन भी होता है। इस अवसर पर जिला कार्यवाह दुर्गेश, जंगबहादुर भदौरिया, अवधेश आदि समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।
वहीं घिरोर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने प्रकाश पेट्रोल पंप से नहर तक पथ संचलन का आयोजन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नगर संघ चालक यतींद्र विशेष रूप से उपस्थित थे। ध्वज वंदन के साथ ही आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने हिंदु संस्कृति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने सन 1925 में शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का क्रम प्रारंभ किया था। यह अभी भी देश एवं धर्म की रक्षा के लिए संकल्पित है। दो-दो की कतारों में करीब 1250 से अधिक स्वयं सेवकों ने हाथों में बंदूक, तलवार, भाला, लाठी आदि शस्त्रों के साथ नगर के मुख्य मार्गों से अनुशासित पथ संचलन निकाला। इस अवसर पर प्रकाश मैदान पर इसके पूर्व शस्त्र पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
संघ के स्वयं सेवकों ने स्थानीय हनुमान मंदिर पर शस्त्र पूजन किया। इस अवसर पर ज्ञान सिंह शाक्य. सचिंद्र, शिवम गर्ग, स्वामी हरिहरानंद सरस्वती, विभाग प्रचारक अनुज, अनूप, सुभाष सहित बड़ी संख्या में स्वयं सेवक मौजूद थे।