पंचायती राज विभाग में काम करने वाले ग्रामीण सफाईकर्मी अब ग्राम पंचायत अधिकारी होंगे। ग्रामीण सफाईकर्मियों के आंदोलन के बाद निदेशक पंचायती राज अनिल दमेले ने शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज दिया है। विभाग के प्रस्ताव के बाद शासन ने प्रस्ताव को अमली जामा पहनाने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
निदेशक ने शासन को जो प्रस्ताव भेजा है उसमें समूह ग के ग्राम पंचायत अधिकारी के 8135 पदों में से 20 प्रतिशत पदों को समूह घ के सफाईकर्मियों की पदोन्नति से भरा जाना शामिल किया गया है। पदोन्नति के लिए न्यूनतम पांच साल की सेवा, इंटर अथवा उसके समकक्ष शिक्षा, कंप्यूटर में डोएक सोसाइटी के सीसीसी प्रमाणपत्र की अनिवार्यता की गई है। सफाई कर्मचारी संगठन आठ सूत्रीय मांगों को लेकर तीन अगस्त से लखनऊ में धरना दे रहा है। निदेशक के प्रस्ताव के बाद धरना स्थगित होने पर धरने में शामिल हुए जिले के भी सफाईकर्मी लौट आए हैं। निदेशक के प्रस्ताव को शासन ने अमली जामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शासन से मंजूरी मिलते ही जिले के ग्रामीण सफाईकर्मी भी ग्राम पंचायत अधिकारी बन जाएंगे।
724 सफाईकर्मियों को मिलेगा लाभ
मैनपुरी। जिले में 724 ग्रामीण सफाईकर्मी कार्य कर रहे हैं। संगठन के आह्वान पर सभी एक साथ आंदोलन में भी शामिल हुए हैं। विभाग के प्रस्ताव का फायदा सभी ग्रामीण सफाईकर्मियों को मिलेगा।
जायज मांगें मनवाना हमारा हक
मैनपुरी। ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओमेंद्र यादव का कहना है कि जायज मांगों का मनवाना हमारा हक है। जायज मांगों के लिए हर आंदोलन करना भी हमारा अधिकार है।
77 पदों के लिए मारामारी
मैनपुरी। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के 77 पदों के लिए इन दिनों आवेदन भरे जा रहे हैं। उच्च शिक्षित बेरोजगार भी आवेदन कर रहे हैं। एमए, एमटेक, बीटेक, एमएससी, बीएड डिग्री धारक धर्मेंद्र, कौशलेंद्र, कमलेश, अनिल, रंजीत, बंटी, भूपेंद्र, धीरेंद्र भी लाइन में लगे हैं। मंगलवार को आवेदन करने वाले बेरोजगारों की मुख्य डाकघर में लंबी लाइनें लगी रही। डाकघर बंद होने तक बेरोजगार रजिस्ट्री से आवेदन भेजने के लिए डटे रहे।