मैनपुरी। रमजान वह मुकद्दस महीना है, जिसमें रोजेदारों की तमाम खताएं अल्लाह माफ कर देता है। रमजान में बंदों पर अल्लाह की रहमत और बरकत बरसती है। इस माह में एक नेकी करने पर सत्तर नेकियों का सवाब मिलता है।
नगर के ओम भंडार स्थित खजूर वाली मस्जिद के पेश इमाम हाफिज मोहम्मद इकरार ने जौहर की नमाज के बाद रमजान की फजीलत की। उन्होंने बताया कि यह ऐसा महीना है, जिसमें अल्लाह अपने बंदों की इबादल से खुश होता है। उन्होंने कहा कि अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें तो सारी खताएं माफ हो जाती हैं। अल्लाह ने रोजा इसलिए फर्ज किया है, ताकि बंदों को दूसरों की भूख और प्यास की तकलीफ का एहसास हो सके। उन्होंने बताया कि रमजान इंसानियत के लिए हमदर्दी रखने की सीख भी देता है। इस माह घर-घर में महिलाएं, पुरुष और बच्चे कुरान की इबादत करते हैं। यही नहीं रोजा सेहत के लिए भी लाभदायक होता है। रोजा रखने से कई तरह की बीमारियां दूर हो जाती हैं। नमाज और तरावी आदि इबादतों से शरीर को लाभ मिलता है।