मैनपुरी। आखिर जिले में मानसून ने दस्तक दे ही दी। शुक्रवार की शाम से शनिवार सुबह 10 बजे तक लगातार हुई बारिश से लोगों के और खासकर किसानों के चेहरों पर रौनक और खुशी नजर आई। सुबह 10 बजे के बाद बारिश भले ही नहीं हुई, लेकिन काली घटाओं के बीच चली ठंडी हवाओं ने मौसम सुहावना बना दिया। बारिश फसलों के लिए वरदान मानी जा रही है। लगातार बारिश से शहर के निचले मोहल्लों में जल भराव की समस्या से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, लेकिन गर्मी से मिलने वाली निजात से लोगों के मन में शान्ति की लहर थी। शनिवार को तापमान गिरकर अधिकतम 32.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21.6 डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
शुक्रवार से ही आसमान पर काली घटाएं उमड़नी शुरू हो गईं थीं। शुक्रवार की पूरी रात कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश होती रही। सुबह भी 10 बजे तक अनवरत रिमझिम बारिश का दौर जारी रहने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बारिश से कई मोहल्लों में जल भराव के हालात बन गए। बारिश से जल भराव होने के कारण लोगों को परेशानी भले ही हुई, लेकिन तापमान में आई गिरावट से लोग खासे खुश नजर आए। 10 बजे के बाद बारिश तो नहीं हुई लेकिन काली घटाओं और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहाना बनाए रखा। मौसम के अच्छे मिजाज को देखते हुए लोग घरों से निकले। बाजारों में भी पूरे दिन रौनक रही। ठंडे मौसम में बच्चे भी जगह-जगह खेलते नजर आए।
सीजन में पहली बार हुई अच्छी बारिश ने किसानों की भी उम्मीदें बढ़ाईं हैं। बारिश खरीफ की अगैती फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई है। धान की नर्सरी लहलहाने लगी है। मक्का और चारा की फसल को भी बारिश से लाभ पहुंचा है। हालांकि अभी धान की रोपाई नहीं हो सकेगी लेकिन काली घटाओं को देखकर कहा जा रहा है कि अभी और बारिश होगी। और बारिश होने पर धान की रोपाई भी शुरू हो सकेगी। किसानों के अनुसार बारिश से अब बाजरा की बुवाई के लिए भी खेत तैयार किए जा सकेंगे।
करहल, भोगांव, घिरोर, कुरावली, किशनी और कुसमरा क्षेत्र में भी शुक्रवार की पूरी रात हुई बारिश से फसलों को लाभ हुआ है। किसानों के अनुसार भले ही धान के लिए यह बारिश नाकाफी है, लेकिन मौसम के रुख को देखते हुए अच्छी बारिश होने की संभावना बढ़ गई है। देर शाम तक आसमान पर छाई काली घटाएं देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि अच्छी बारिश होगी।