सोमवार-मंगलवार हुई बारिश यक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे जहां धान की नर्सरी को फायदा पहुंचा वहीं मक्का-मूंगफली की फसलों के अलावा सब्जी करने वाले किसानों को नुकसान हुआ।
रविवार रात डेढ़ बजे अचानक जिले में तेज बारिश हुई, जो सोमवार सुबह सात बजे तक होती रही। मंगलवार सुबह फिर बारिश का दौर चला। हालांकि बारिश को कहीं किसान अच्छा तो किसी फसल के किसान खराब भी बता रहे हैं। किसान शीशराम का कहना है कि बारिश से धान की नर्सरी को फायदा हुआ है। खेतों में पानी भर जाने से पानी की कमी पूरी हो गई है। अब धान की बुवाई करने में आसानी होगी। इससे उत्पादन भी बढ़ेगा। किसान हेमचंद्र मिश्रा का कहना है कि बारिश से मक्का-मूंगफली की फसल में नुकसान होगा। मूंगफली की खोदाई चल रही है। मूंगफली सड़ सकती है और काली भी पड़ सकती है। मक्का की फसल तैयार है। उसको काटने में परेशानी होगी और फसल का नुकसान होगा। हरी सब्जियों वाले खेतों में भी बारिश से नुकसान ही होगा। किसानों के चेहरों पर बारिश का मिला जुला असर हुआ है।
जिले में फसल का क्षेत्रफल
धान- 75000 हैक्टेयर
मक्का- 62000 हैक्टेयर
मूंगफली- 20000 हैक्टेयर
बारिश से धान की फसल को निश्चित तौर पर फायदा होगा। मक्का की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। अगर मक्का की फसल खेतों में गिर जाती तो नुकसान होता। मक्का की अधिकांश फसल खेतों में पकी खड़ी है। वहीं मूंगफली के जिन खेतों में पानी भरेगा उनमें नुकसान होगा। जहां पानी की निकासी हो जाएगी वहां नुकसान नहीं होगा।
- पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी