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काली नदी किनारे बसे गांवों में बदमाशों की दहशत

Mon, 05 Sep 2016 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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दहशत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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काली नदी किनारे बसे गांवों के लोग आजकल दहशत में हैं। खेतों में नजर आने वाले अनजान चेहरों के कारण महिलाओं ने खेतों में दिन में काम करना ही बंद कर दिया है। गांव के लोग टोलियां बनाकर रात में न केवल पहरा देते हैं बल्कि दिन में भी खेतों की ओर झुंड बनाकर लाठी-डंडे लेकर ही जा रहे हैं। पशु चोरों और बावरिया गैंग की बढ़ी चहलकदमी भी ग्रामीणों की परेशानी का कारण बनी हुई है।
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जिले से होकर गुजरने वाली नदी के इस ओर मैनपुरी तो दूसरी ओर एटा और फर्रुखाबाद जिले की सीमा है। काली नदी किनारे थाना कुरावली, बिछवां, भोगांव और बेवर क्षेत्र के 50 से अधिक गांव बसे हैं। अधिकांश ग्रामीणों के खेत नदी किनारे ही हैं। ग्रामीणों के अनुसार बारिश के सीजन में नदी किनारे खेतोें में दिन में ही अनजान चेहरे नजर आ रहे हैं। रात के समय खेतों में अनजान चेहरों की चहलकदमी देखे जाने से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। डर के चलते महिलाओं ने तो अब दिन में भी खेतों पर न केवल काम करना बंद कर दिया है। पुलिस पर भरोसा न करके ग्रामीण अपनी सुरक्षा के लिए रात में टोलियां बनाकर खुद गश्त कर रहे हैं।

जुन्हैसा और रसेमर में हो चुकी फायरिंग
मैनपुरी। काली नदी किनारे के गांव जुन्हैसा तथा रसेमर में दो दिन पहले रात के समय बदमाशोें तथा ग्रामीणों के बीच फायरिंग तक हो चुकी है। गांव में आने वाले पशु चोर थे अथवा बावरिया गैंग के सदस्य इसका पता पुलिस भी नहीं लगा सकी है। ग्रामीण दहशत के साये में ही रात भर जागकर गश्त कर रहे हैं।
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इन गांवों में फैली दहशत
अनजान चेहरों के खौफ वाले गांवों में थाना कुरावली के प्रेमपुर, तिमनपुरा, दीननगरिया, बरौलिया, जमलापुर, गोकुलपुर, देवीनगर, खिरना, अलूपुरा, थाना भोगांव के आसफपुर, नगला मनी, मोटा, गढ़िया गोविंदेपुर, थाना बेवर के रामनगरिया, दहेड, नगला स्वामी, मद्दापुर, बरहन, नसीरपुर, सुल्तानपुर, थाना बिछवां के लहरा, सांडा, जुन्हैसा, रसेमर, हन्नूखेडा, बलारपुर, नगला हिम्मत, कांकन, डांडी, बडेरा, गोसलपुर शामिल हैं।

बच्चों को नहीं भेज रहे स्कूल
मैनपुरी। लहरा निवासी श्रीकृष्ण, सांडा के रमेशचंद्र, देवीनगर के प्रदीप यादव, कांकन के सुखवीर का कहना है कि बदमाशों के डर के चलते उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। पता नहीं बदमाश कब रास्ते ही बच्चे की पकड़ कर लें। फिरौती न देने पर बच्चे के साथ अनहोनी तक कर सकते हैं। ऐसी हालत में बच्चों को स्कूल न भेजने में ही भलाई है।

अगर कहीं भी अनजान चेहरे नजर आते हैं तो ग्रामीण तत्काल पुलिस को सूचना दें। खुद भी डटकर मुकाबला करें। लाइसेंसी शस्त्रधारक बदमाशों से सीधा मोर्चा लें। पुलिस को भी रात गश्त करने की हिदायत दी गई है। थाने में सुनवाई नहीं होने पर संबंधित सीओ, एएसपी, एसपी के अलावा 100 नंबर पर भी सूचना दे सकते हैं।
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देवरंजन वर्मा, पुलिस अधीक्षक
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