मैनपुरी में कार्यस्थल पर प्रताड़ना का मामला सामने आया है। साथी कर्मियों से परेशान होकर हरिदर्शन नगर के रहने वाले प्राइवेट कंपनी के मैनेजर ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। पत्नी और पुत्री ने छह साथी कर्मियों पर प्रताड़ित करने, मानसिक दवाब बनाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हरिदर्शन नगर निवासी सूरज भान सिंह सोसाइटी डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड पीएंड जी कंपनी किशनी रोड खरपरी में बतौर मैनेजर काम कर रहे थे। पत्नी मंजेश चौहान का आरोप है कि पति अक्सर बताया करते थे कि साथ काम करने वाला निशू भदौरिया आए दिन उन्हें अपमानित करता है। वह उन्हें काफी परेशान कर रहे हैं। यह बताया कि ब्रांच में घोटाला चल रहा है, जिसमें कानपुर के अधिकारी भी निशू के साथ मिले हैं। वह सीनियर अधिकारी धीरज व अन्य को भड़का कर पति को मानसिक तनाव दे रहा था।
पति ने परेशान होकर तीन बार रिजाइन भी डाला, मगर कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। पुष्पेंद्र पांडेय, प्रेमशंकर पति पर दवाब बनाते थे कि अगर नौकरी करनी है तो निशू से माफी मांगो। इस बीच पति ने घोटाले को निशू की शिकायत कर दी थी, उसके साथ पवन कुमार भी मिला था। अब सभी लोग उनके पति पर दवाब बना रहे थे, कह रहे थे कि घोटाले की भरपाई तुम्हें करनी होगी। जिस वजह से परेशान होकर पति ने 28 अगस्त को जहरीला पदार्थ खा लिया। शाम को मेडिकल कॉलेज सैफई में उनकी मृत्यु हो गई।
सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उक्त मामले में पत्नी की तहरीर पर निशू भदौरिया, धीरज, यारेंद्र, पुष्पेंद्र पांडेय, प्रेम शंकर, पवन कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में गहनता से जांच कर कार्रवाई करेगी।
सैलरी भी नहीं दे रहे थे
मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि ब्रांच में चल रहे घोटाले की पति ने उच्चाधिकारियों को शिकायत कर दी थी। जिस वजह से जुलाई और अगस्त की सैलरी भी रोक रखी थी। पति काफी डिप्रेशन में आ गए थे, उनका इलाज आगरा के एक चिकित्सक से करा रहे थे।