मैनपुरी। रेल बजट में इस बार भी जिले पर ‘प्रभु’ की कृपा नहीं हुई है। लोगों को जो उम्मीद थी वह पूरी नहीं हुई। जिले को इस बार रेल बजट में कुछ खास नहीं मिला। आगरा और कानपुर-लखनऊ के लिए भी कोई विशेष ट्रेन की घोषणा नहीं हुई। लोगों का कहना है कि इस बार रेल बजट से उन्हें काफी उम्मीद थी लेकिन रेल बजट में जिले की पूरी तरह से अनदेखी की गई है।
जिले के लोगों को रेल बजट से काफी उम्मीदे थीं लेकिन प्रभु की कृपा न होने से उम्मीदे पूरी नहीं हो सकीं। नगर निवासी गोविंद शुक्ला ने कहा कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया है जिससे मैनपुरी के लोगों को भी लाभ मिलता। उम्मीद की जा रही थी कि बजट में दिल्ली और लखनऊ के बीच मैनपुरी होकर एक-दो ट्रेन चलाई जाएगी। आगरा के लिए वर्षों पहले बंद हो चुकी ट्रेन फिर से चलेगी। बजट में ऐसा न होने से लोगों को निराशा ही हुई है।
फल के व्यापारी अब्दुल रशीद का कहना है कि आगरा तक ट्रेन न चलने और दिल्ली तक एक मात्र ट्रेन होने से सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारियों को हो रही है। वर्षों से यहां के लोग फर्रुखाबाद-आगरा पैसेंजर ट्रेन पुन: चलवाने की मांग करते आ रहे हैं। बजट ने एक बार फिर यहां के लोगों को निराश ही किया है।
अखिलेश का कहना था कि भले ही जिले को रेल बजट में कुछ खास न मिला हो लेकिन किराए में वृद्धि न किए जाने से लोगों को राहत मिलेगी। दीनदयाल के नाम पर अतिरिक्त डिब्बा लगाने और बुजुर्ग नागरिकों का कोटा 50 प्रतिशत बढ़ाने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का काम सराहनीय है। अनुज का कहना था कि ट्रेनों में इस बार जननी सेवा के तहत गर्म दूध और गर्म पानी की सुविधा भी मिलेगी। इससे धात्री महिलाओं को लाभ मिलेगा। मयंक ने कहा कि मैनपुरी से होकर कोई नई ट्रेन की बजट में व्यवस्था न किए जाने से निराशा हाथ लगी है। यही नहीं शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद के बीच पैसेंजर ट्रेन भी नहीं बढ़ाई गईं है। उनका कहना था कि मैनपुरी से मात्र दो ट्रेनें गुजरतीं हैं यह इस क्षेत्र के प्रति सरासर अन्याय है।
1600 किमी रेलवे लाइन के विद्युतीकरण से बढ़ी उम्मीद
रेल मंत्री ने बजट में 1600 किमी रेलवे लाइन के विद्युतीकरण की व्यवस्था की है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि मैनपुरी-फर्रखाबाद रेलवे लाइन का भी विद्युतीकरण हो सक ता है। जिले के लोग रेलवे लाइन के विद्युतीकरण की मांग भी लंबे समय से कर रहे हैं।
2020 तक मानव रहित रेलवे क्रासिंग न रखने की घोषणा
मैनपुरी। रेल बजट में 2020 तक मानव रहित रेलवे क्रासिंग से निजात दिलाने की बात कही गई है। जिले में अभी कारूखेड़ा, विधूना, कोसमा, जवापुर, चिरैयापुर, कोंढर, रठेरा, लालपुर सथिनी, बैजनाथपुर, ब्योंति खुर्द, सिवाई, सिनौरा, सूरजपुर की रेलवे क्रासिंग मानव रहित हैं। इन रेलवे क्रासिंग पर अधोगामी पुल बनाने की लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं। इस बार इनमें से कुछ से निजात मिल सकती है।