फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाह री पुलिस: जुर्म किसी और का... जेल किसी और को भेज दिया, अब दे रही सफाई; इसलिए हो गई गड़बड़ी

Sat, 10 Feb 2024 07:03 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में पुलिस ने किसी दूसरे के नाम पर जारी वारंट पर एक निर्दोष व्यक्ति को जेल भेज दिया। सच सामने आया तो पुलिस अब सफाई दे रही है। 
विज्ञापन
थाने में अपनी बात बताता निर्दोष पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में पुलिस अपनी कार्यशैली को लेकर अक्सर चर्चा में रहती है। पुलिस की लापरवाही सामने आई है। यहां बेवर थाना पुलिस ने एक अपराधी के वारंट पर निर्दोष को जेल भेज दिया। जमानत पर रिहा होने के बाद वह थाने पहुंचा। पूरा मामला बताया। इसके बाद पुलिस अब जवाब नहीं खोज पा रही है। वह अपनी सफाई देने में जुटी है।

विज्ञापन


मामला बेवर थाना क्षेत्र के काजीटोला दक्षिणी मोहल्ले का है। यहां के निवासी प्रदीप कुमार पुत्र बलवीर सिंह शनिवार को थाने पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी महाराज सिंह भाटी से बात की। बताया कि 29 जनवरी 2024 को बेवर पुलिस ने न्यायालय से बिछवां थाने के लिए जारी एक वारंट के आधार पर उन्हें गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। 

कहा कि वह पुलिस को बताता रहा कि उसने कोई अपराध नहीं किया। वह अपराधी नहीं है। लेकिन, उसकी सुनने वाला कोई नहीं था। जेल जाने के तीन दिन बाद न्यायालय से युवक को जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद न्यायालय से वारंट संबंधी पत्रावली की पक्की नकल प्राप्त की।

इसके मिलने पर पता चला कि उसी नाम और वल्दियत का युवक नगला केहरी निवासी प्रदीप है। यह वारंट उसके नाम पर था। लेकिन, पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। मामला सामने आया तो पुलिस के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई है। पुलिस अब सफाई दे रही है। कह रही है कि वारंट पर नाम और पता बेवर का ही दर्ज था, इसलिए गड़बड़ी हो गई।

जेल में काटी रातों की कैसे होगी भरपाई

पुलिस अब भले ही वारंट में पता गलत होने के चलते गड़बड़ी होने की बात कह रही है, लेकिन प्रदीप कुमार ने जो रातें बिना अपराध के जेल में काटी उनकी भरपाई कौन करेगा। इसका जवाब न तो पुलिस के पास है और न ही किसी अन्य के पास। प्रदीप कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन

क्या कहते हैं जिम्मेदार

थाना प्रभारी महाराज सिंह भाटी ने बताया कि युवक और अपराधी का नाम और पिता का नाम एक ही था। वारंट पर नगला केहरी के बजाए बेवर का पता दर्ज था। इसलिए ही पुलिस को समझने में गड़बड़ी हो गई। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें