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UP: पुलिस ने जब्त किया 22 टन संदिग्ध मीट...15 लाख रुपये कीमत, दिल्ली जा रहा था ट्रक; जांच में जुटे अफसर

Sat, 24 May 2025 08:44 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

बिल देखा गया तो उसमें 22 टन मीट दर्शाया गया था। जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है। टीम ने मीट के सैंपल लिए और जांच के लिए मथुरा भेजा है।
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जांच के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मैनपुरी के बेवर में नवीगंज टोल प्लाजा पर पुलिस ने शनिवार को गोरक्षकों की सूचना पर सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल से दिल्ली जा रहे एक कंटेनर से लगभग 22 टन संदिग्ध मीट बरामद किया है। इस मीट की कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। प्रतिबंधित मीट होने की आशंका के चलते, पशु चिकित्सा विभाग ने सैंपल लेकर मथुरा जांच के लिए भेजे हैं। संदेह गहराने पर जीएसटी और खाद्य विभाग की टीमें भी जांच में जुट गई हैं।
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थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक कंटेनर में अवैध रूप से मीट बिक्री के लिए ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर एसपी ग्रामीण राहुल मिठास बेवर पहुंचे और स्थानीय पुलिस के साथ ट्रक को नवीगंज टोला प्लाजा के पास रुकवा लिया। तलाशी के दौरान कंटेनर में कई डिब्बे मीट से भरे हुए पाए गए। इस जानकारी के बाद गोरक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष सुमित कुमार, श्रेयश हिंदू, नितिन हिंदू सहित अन्य सदस्य मौके पर पहुंच गए।

 
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जब चालक हरिकांत निवासी जालंधर पंजाब से थाने लाकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके पास केवल एक बिल है। जब बिल को देखा गया तो उसमें 22 टन मीट दर्शाया गया था। जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है। प्रतिबंधित मीट की संभावना के चलते मौके पर पशु चिकित्सक आफरोज को बुलाया गया। टीम ने मीट के सैंपल लिए और जांच के लिए मथुरा भेजा है।

संदिग्ध परिवहन पर जीएसटी और खाद्य विभाग सक्रिय
एसपी ग्रामीण ने बताया कि कंटेनर की जांच के दौरान डिब्बों पर 'फिश प्रोडक्ट' लिखा हुआ था, जबकि अंदर 'बफैलो मीट' का जिक्र मिला, जिससे मीट का परिवहन संदिग्ध प्रतीत हुआ। इसके बाद, जीएसटी टीम के अधिकारी केके चौहान को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने चालक के पास मिले बिल की जांच की। खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर जांच करने के लिए पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

एसपी ग्रामीण राहुल मिठास ने बताया कि मौके पर जांच के दौरान मीट का सैंपल जांच के लिए मथुरा स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। ई-बिल की जांच के लिए जीएसटी टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी। 
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