पितृपक्ष शुरू, 15 दिन नहीं होगी खरीदारी
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पितृ पक्ष शुक्रवार से शुरू हुए। बाजारों में खास चहल-पहल नहीं रही। पितृपक्ष के दौरान पितरों के तर्पण के लिए काले तिल, जौ, की जमकर खरीदारी की गई। 15 दिनों तक बाजारों में सुस्ती रहेगी। नवरात्र की शुरुआत से ही बाजारों में फिर रौनक लौटेगी।
पंडित ग्याप्रसाद दुबे के अनुसार पितृपक्ष के दौरान कोई भी नई वस्तु खरीदना शुभ नहीं होता। इन दिनों तो पूर्वजों को याद करना ही उचित है। इसी मान्यता के चलते लोग कोई भी नई वस्तु खरीदने से बचते हैं। पितृपक्ष के दौरान सराफा कारोबार तो ठप ही पड़ जाएगा। सराफा व्यवसायी सुभाष का कहना था कि पितृपक्ष के दौरान काम सुस्त रहेगा। उनके मुताबिक पितृपक्ष के दौरान सोना-चांदी की बिक्री न के बराबर रह जाती है। इस दौरान सराफा कारोबारी नवरात्र से शुरू होने वाले सीजन की तैयारियों में जुटेंगे।
रेडीमेड कपड़ों की दुकान, घरेलू साज सज्जा या पेंट्स की दुकानें बेरौनक दिखेंगी। पितृपक्ष के दौरान दुकानदार नवरात्र से बाजारों में खरीदारों की भीड़ की संभावना को देखते हुए तैयारियों में जुटेंगे। रेडीमेड वस्त्र विक्रेता राजू ने बताया कि अब नवरात्र तक खरीदारों के नाम पर गिने-चुने ग्राहकों के ही आने की उम्मीद है।