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बिना डिग्री कर रहे थे मरीजों का इलाज

Wed, 08 Jun 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
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इलाज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से बुधवार को शहर के दो नर्सिंग होम में छापा मारा। इस दौरान मरीजों का उपचार करते दो फर्जी डाक्टर पकड़ लिए। पूछताछ में दोनों के संतोषजनक जवाब न देने पर पुलिस को सौंप दिया गया। वहीं नर्सिंग होम सील कर दिया। दूसरे अस्पताल में डाक्टर नहीं मिला। इस मामले में सीएमओ ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने पकड़े दोनों लोगों को जेल भेज दिया है।  
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बुधवार को सीएमओ डाक्टर केके शर्मा, एसडीएम सदर गजेंद्र सिंह ने पुलिस के साथ कचहरी रोड स्थित सिटी हास्पिटल पर छापा मारा। वहां डाक्टर नहीं मिले। टीम ने अस्पताल में अभिलेख चेक किए मगर कोई अनियमितता नहीं मिली।

इसके बाद टीम ने जिला अस्पताल के पास संचालित दिव्यराज नर्सिंग एवं मेटरनिटी होम पर छापा मारा। वहां कोई डाक्टर नहीं मिला। दो युवतियां मिलीं जिन्होंने खुद को मरीजों की सहायता के लिए वहां मौजूद होना बताया। वहां भर्ती मरीजों का उपचार चल रहा था। सीएमओ और एसडीएम ने जब संचालक और डाक्टर को तलाश करवाया तो काफी देर बाद दो युवक वहां पहुंच गए। उन्होंने खुद को डाक्टर बताते हुुए भर्ती मरीजों का उपचार करने की बता बताई। पूूछताछ में उन्होंने अपने नाम राजेश सिंह, रवि वर्मा बताए। डिग्री मांगी तो वह नहीं दिखा सके। एसडीएम ने दोनों को पुलिस को सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं नर्सिंग होम को सील करा दिया। सीएमओ ने बताया कि जिले भर में इस तरह का अभियान चलाया जाएगा। ताकि मरीजों के भविष्य के साथ होने वाला खिलवाड़ रोका जा सके।
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झोलाछाप ने महिला को चढ़ाया गलत खून, नवजात की मौत
मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार रात दिव्यराज नर्सिंग होम में छापा मारा, तो यहां पर झोलाछाप मरीजों का इलाज करते मिला। प्रसव के दौरान एक महिला को दूसरे ग्रुप का खून चढ़ा दिया। इससे नवजात की मौत हो गई, वहीं महिला की भी हालत बिगड़ गई। सीएमओ ने झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
थाना एलाऊ के गांव पुड़री निवासी गायत्री पत्नी मोहनलाल के तेज दर्द होने पर घरवाले उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सगामई ले गए। वहां मौजूद स्टाफ ने जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिवारीजनों का आरोप है कि वह रात में गायत्री को जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाए तो वहां मौजूद डाक्टर ने हालत खराब होने की बात कहते हुए सैफई ले जाने की सलाह दी। रात में वह सैफई जाने की बजाए अस्पताल के सामने संचालित दिव्यराज नर्सिंग होम ले आए। वहां मौजूद डाक्टर ने उपचार किया और खून की कमी बताते हुए खून चढ़ाने की बात कही। रात में खून की व्यवस्था न होने पर डाक्टर ने ही खुद ही व्यवस्था कर खून चढ़ा दिया। इससे गायत्री की हालत बिगड़ गई, वहीं जन्मे बच्चे के भी मौत हो गई। बुधवार सुबह जब टीम ने छापा मारा तो मामले की जानकारी हुई। डाक्टर कोई डिग्री नहीं दिखा सका। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीएमओ का कहना है कि झोलाछाप ने ब्लड ग्रुप चेक किए कहां से खून की व्यवस्था कर चढ़ा दिया इसकी जांच की जा रही है। 
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