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UP: जिला अस्पताल में वेंटिलेटर कमरे में बंद, तीन मरीजों ने तोड़ दिया दम; इसलिए नहीं मिल रहा सुविधा का लाभ

Tue, 21 Jan 2025 05:54 PM IST
अरुन पाराशर संंवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

गंभीर मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण जिला अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा शुरू नहीं की जा सकी है। सुविधा कब शुरू होगी इसको लेकर भी अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। 
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जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मैनपुरी के महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में आए दिन विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों की उचित उपचार न मिलने के कारण मौत हो रही है। मंगलवार को भी अस्पताल में भर्ती तीन मरीजों की मौत हो गई। मरीज गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे थे, उन्हें तुरंत वेंटिलेटर की जरूरत थी, लेकिन जिला अस्पताल में वेंटिलेटर कमरे में बंद थे। उन्हेंं संचालित करने वाला कोई नहीं है। इसलिए मरीजों को सामान्य उपचार ही मिल सका और उनकी मौत हो गई। हार्ट अटैक से एक अन्य मरीज ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
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महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में कोरोना काल में 30 वेंटिलेटर की व्यवस्था कराई गई थी। तीन साल बाद भी इन वेंटिलेटर पर एक भी मरीज भर्ती नहीं कराया गया है। इसके चलते अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों की उचित उपचार न मिलने के कारण आए दिन मौत हो रही है। 

 

मंगलवार को भी अस्पताल पहुंचे तीन मरीजों ने वेंटिलेटर सुविधा के अभाव में दम तोड़ दिया। शहर के मोहल्ला भरतवाल निवासी श्यामबाबू शर्मा (68) सांस लेने में दिक्कत के चलते मंगलवार की सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में पहुंचे श्यामबाबू शर्मा को अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा नहीं दी गई। उन्हें सामान्य उपचार ऑक्सीजन लगाकर दिया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। 

 

देवी रोड निवासी रघुनंदनलाल (82) को मंगलवार की सुबह जिला अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। वेंटिलेटर सुविधा न होने के कारण उन्हें भी ऑक्सीजन सिलिंडर की मदद से सामान्य उपचार दिया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

 

कुरावली क्षेत्र के गांव विक्रमपुर निवासी उदयवीर सिंह (50) को पिछले कुछ दिनों से फेफड़ों में टीबी हो गया था। मंगलवार की सुबह उन्हें भी परिजन गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, उन्हें भी वेंटिलेटर की जरूरत थी, लेकिन यहां सामान्य इमरजेंसी वार्ड में ही उन्हें उपचार दिया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। 

 

परिजन का कहना था कि यदि समय से वेंटिलेटर सुविधा मिलती तो उनके मरीजों को बचाया जा सकता था। दन्नाहार क्षेत्र के गांव रानीपुर निवासी विद्याराम (55) को मंगलवार की सुबह हार्ट अटैक पड़ा। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 
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जिला अस्पताल के  सीएमएस डॉ. मदनलाल ने बताया कि डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण जिला अस्पताल में वेंटिलेटर सुविधा शुरू नहीं की जा सकी है। जिन मरीजों की मौत हुई है, उन्हें अंतिम सांसों में ही अस्पताल लाया गया था। उन्हें हर संभव उपचार दिया गया।
 
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