फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mainpuri News: दवा नहीं मरीजों को मिल रहा धोखा...खाली निकल रहे सीलबंद रैपर

Mon, 09 Feb 2026 12:14 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
विज्ञापन
फोटो 11 जिला अस्पताल में विभिन्न दवाइयों के निकले खाली रैपर। संवाद
विज्ञापन
मैनपुरी। सरकारी अस्पतालों में पहुंच रही दवाओं की सप्लाई में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। सीलबंद दवा के रैपर खाली निकल रहे हैं। इससे अस्पताल प्रशासन और कर्मचारी हैरान हैं। शिकायत पर कोई भी जिम्मेदार खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन


जिले के सरकारी अस्पताल जेम पोर्टल के जरिए दवाएं मंगाते हैं। कुछ अधिकारी मोटे कमीशन के लालच में कंपनियों से सांठगांठ कर रहे हैं। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल के दवा वितरण काउंटर पर पिछले कुछ दिनों से दर्द निवारक गोलियां, जोड़ों के मरहम, आंखों की ड्रॉप्स और एंटीबायोटिक्स जैसी जरूरी दवाओं के सीलबंद पैकेट खाली मिल रहे हैं।




शिकायत पर अधिकारी गंभीर नहीं

दवा वितरण विभाग के कर्मचारियों ने इस गंभीर मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। अधिकारियों ने इसे सामान्य दिक्कत बताते हुए केवल खाली रैपर हटाकर काम चलाने को कहा। हालांकि, कर्मचारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि जब दवा है ही नहीं, तो स्टॉक का मिलान कैसे होगा? कहीं फर्जी वितरण दिखाकर हिसाब तो नहीं साधा जा रहा? इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग उठने लगी है।
विज्ञापन






इन दवाओं के रैपर निकले खाली

1. डिक्लोफेनाक टैबलेट: गठिया और दर्द में इस्तेमाल होने वाली यह दवा रोजाना 300-400 मरीजों को बांटी जाती है।

2. डिक्लोफेनाक जेल: जोड़ों के दर्द के लिए इस्तेमाल होने वाला यह जेल रोजाना 150-200 मरीजों को दिया जाता है।

3. डॉक्सीसाइक्लिन कैप्सूल: बैक्टीरियल संक्रमण की यह एंटीबायोटिक रोजाना 400-500 मरीजों के लिए है।

4. सिप्रोफ्लोक्सासिन आई ड्रॉप्स: आंखों के संक्रमण की यह दवा रोजाना 100-150 मरीजों को मिलती है।







अस्पताल में मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर दवा उपलब्ध कराई जा रही है। दवा की कमी नहीं है। दवा विभाग का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। रैपर में दवा न मिलने की कोई शिकायत अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो सप्लाई करने वाली कंपनी को पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. धर्मेंद्र कुमार, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें